Sukhu Makes a Major Statement: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित भुगतान को लेकर सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाये का चरणबद्ध तरीके से भुगतान कर रही है। मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर राज्य को खराब वित्तीय स्थिति में छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार पर पुराने कर्ज का बोझ है, इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनर्स के अधिकारों का पैसा नहीं रोका जाएगा और हालात सुधरने के साथ बाकी बकाया भी चुकाया जाएगा।
कई वर्गों के पेंशनर्स को एरियर का भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 67 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी पेंशनर्स को उनका पूरा एरियर दिया जा चुका है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एक साल की सेवानिवृत्ति पेंशन का पूरा बकाया भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वर्ष 2016 से 31 मार्च 2022 तक के करीब 55 से 57 प्रतिशत एरियर का भुगतान हो चुका है। उन्हें 20 हजार रुपये की राशि भी दी गई है। वहीं प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों व अधिकारियों को वर्ष 2016 के बाद के एरियर का 15 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।
राजस्व घाटा अनुदान कम होने का दिया हवाला
सुक्खू ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति पर लगातार दबाव बना हुआ है और केंद्र से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान भी पहले की तुलना में कम हुआ है। उनके मुताबिक पिछली भाजपा सरकार के दौरान हिमाचल को करीब 47 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला था, जबकि मौजूदा सरकार को करीब 17 हजार करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान सरकार को भी पहले के समान अनुदान मिलता तो कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाये का भुगतान करने में अधिक मदद मिलती।
भ्रष्टाचार पर रोक से संसाधन जुटाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करने की कोशिश की है और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर्मचारियों व पेंशनर्स के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी प्राथमिकताओं पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की आमदनी पर दबाव है, इसलिए सरकार धीरे-धीरे संसाधन जुटाकर भुगतान कर रही है। सुक्खू ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से राज्य की आर्थिक स्थिति को समझने की अपील भी की।
पुराने कर्ज का बोझ भी सरकार के सामने
सुक्खू ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स का सम्मान करती है और उनके अधिकारों को स्वीकार करती है। उन्होंने दोहराया कि किसी का पैसा जानबूझकर नहीं रोका जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य की वित्तीय स्थिति बेहतर होने पर शेष एरियर का भुगतान भी किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने कर्ज की अदायगी के लिए सरकार को नया कर्ज लेने की जरूरत पड़ रही है। आपदा के दौरान भी राज्य सरकार ने अपने स्तर पर बड़ी राशि खर्च की है, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ा है।