डेविस कप के दूसरे राउंड में भारतीय टीम का अभियान निराशाजनक अंत के साथ खत्म हो गया। साउथ कोरिया ने भारत को 3-1 से हराकर अंतिम-8 में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय टीम चार मुकाबलों में सिर्फ एक जीत दर्ज कर सकी और वह भी डबल्स इवेंट में आई। सिंगल्स के तीनों मुकाबलों में हार ने टीम इंडिया की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
डबल्स जीत से जगी थी वापसी की आस
19 सितंबर को खेले गए मुकाबलों में भारत ने शानदार शुरुआत की थी। एन श्रीराम बालाजी और डीके सुरेश की जोड़ी ने डबल्स मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कोरिया की जिसुंग नाम और उइसुंग पार्क की जोड़ी को 6-3, 3-6 और 6-3 से हराया। तीन सेट तक चले इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने दबदबा दिखाया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। इस जीत के बाद भारतीय प्रशंसकों को वापसी की उम्मीद जरूर जगी थी।
सुमित नागल पर टिकी थीं सबकी नजरें
डबल्स में जीत के बाद पूरा ध्यान सिंगल्स मुकाबले पर था, जहां भारत की सबसे बड़ी उम्मीद सुमित नागल थे। अगर नागल जीत हासिल कर लेते तो टीम की वापसी की संभावना बनी रहती। लेकिन कोरिया के अनुभवी खिलाड़ी सूनवू क्वोन के खिलाफ वह अपनी लय में नजर नहीं आए। मुकाबले में उन्हें सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा और इसी के साथ भारत की चुनौती भी समाप्त हो गई।
सिंगल्स मुकाबलों में नहीं चला भारतीय खिलाड़ियों का जादू
भारतीय टीम के लिए सिंगल्स इवेंट पूरी तरह निराशाजनक रहा। सुमित नागल ने अपने पहले मुकाबले में ह्योन चुंग के खिलाफ अच्छा संघर्ष किया, लेकिन 6-2, 4-6 और 5-7 से हार गए। दूसरे मुकाबले में सूनवू क्वोन ने उन्हें सीधे सेटों में मात दी। वहीं डीके सुरेश भी अपने सिंगल्स मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सके और उन्हें 6-3, 3-6 और 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।
कोरियाई खिलाड़ियों ने दिखाया दम
साउथ कोरिया की टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार संतुलन और आत्मविश्वास दिखाया। उनके खिलाड़ियों ने दबाव के क्षणों में बेहतर खेल दिखाया और सिंगल्स मुकाबलों में लगातार जीत हासिल की। खासकर सूनवू क्वोन ने महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज कर अपनी टीम को अंतिम-8 का टिकट दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
भारत के लिए सीख छोड़ गया यह अभियान
डेविस कप का यह अभियान भारतीय टीम के लिए कई सवाल छोड़ गया है। डबल्स में टीम ने अपनी ताकत दिखाई, लेकिन सिंगल्स मुकाबलों में लगातार हार चिंता का विषय रही। अब भारतीय टीम को आगे आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत करना होगा। फिलहाल साउथ कोरिया ने शानदार प्रदर्शन के दम पर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है, जबकि भारत का सफर दूसरे राउंड में ही थम गया।