मुंबई की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब सुनेत्रा पवार अपने बेटे पार्थ के साथ दक्षिण मुंबई स्थित अजित पवार के आधिकारिक आवास पहुंचीं। एनसीपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नया नेता चुने जाने की तैयारी है और शाम तक उपमुख्यमंत्री पद की शपथ की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच एनसीपी विलय से जुड़ी पुरानी बैठक की तस्वीर सामने आने से सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
मुंबई पहुंचीं सुनेत्रा पवार, आज अहम बैठकें
सुनेत्रा पवार तड़के मुंबई पहुंचीं और सीधे ‘देवगिरि’ बंगले गईं। दिन में एनसीपी कोर कमेटी और विधायक दल की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें उन्हें औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इसके बाद शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन जाएंगी।
मुख्यमंत्री का संकेत: गठबंधन देगा पूरा समर्थन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में बयान देते हुए कहा कि सत्तारूढ़ महायुति में शामिल भाजपा, अजित पवार के परिवार और एनसीपी द्वारा लिए गए हर फैसले का समर्थन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी जो निर्णय लेगी, सरकार उसके साथ खड़ी रहेगी। इस बयान को सत्ता संतुलन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
NCP विलय पर फिर चर्चा, बैठक की तस्वीर वायरल
इसी बीच 17 जनवरी को हुई एक बैठक की तस्वीर सामने आई है, जिसमें शरद पवार और अजित पवार दोनों गुटों के वरिष्ठ नेता साथ बैठे दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि 12 फरवरी को दोनों एनसीपी के विलय का ऐलान होना था, लेकिन अजित पवार के निधन के बाद इस प्रक्रिया पर फिलहाल संशय बना हुआ है। पार्टी के कुछ विधायकों का कहना है कि इस मुद्दे पर पर्दे के पीछे बातचीत जरूर हुई है, मगर आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं हुआ है।
शरद पवार परिवार बनाएगा दूरी
सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार गुट के कई वरिष्ठ नेता और परिवार के सदस्य सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। कहा जा रहा है कि शरद पवार मुंबई जरूर पहुंचेंगे, लेकिन समारोह से दूरी बनाए रखेंगे, जबकि सुप्रिया सुले दिल्ली रवाना होंगी। इससे दोनों गुटों के बीच जारी खींचतान एक बार फिर साफ नजर आ रही है।
छह महीने में सदन की सदस्यता जरूरी
संविधान के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति विधायक या विधान परिषद सदस्य नहीं है, तो भी वह मंत्री या उपमुख्यमंत्री बन सकता है, लेकिन छह महीने के भीतर उसे किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। यदि तय समय में ऐसा नहीं हुआ तो पद स्वतः समाप्त हो जाता है। फिलहाल सुनेत्रा पवार राज्यसभा सदस्य हैं, ऐसे में आगे की राजनीतिक रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।