टीम इंडिया के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने 10 जुलाई को अपना 77वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके पर उन्हें क्रिकेट जगत से ढेरों बधाइयां मिलीं, लेकिन वीरेंद्र सहवाग का संदेश सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सहवाग ने गावस्कर के पुराने दिनों को याद करते हुए लंबा पोस्ट लिखा। उन्होंने बताया कि कैसे गावस्कर बिना हेलमेट के दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना करते थे। सहवाग के शब्दों में गावस्कर के लिए सम्मान साफ दिखाई दिया और उनका पोस्ट देखते ही देखते फैंस के बीच छा गया।
बिना हेलमेट लड़ते थे गावस्कर
वीरेंद्र सहवाग ने अपने इंस्टाग्राम पर गावस्कर को जन्मदिन की बधाई देते हुए पुराने तेज गेंदबाजों के नाम याद किए। उन्होंने लिखा कि गावस्कर बिना हेलमेट के लिली, रॉबर्ट्स, होल्डिंग, गार्नर और मार्शल जैसे खतरनाक गेंदबाजों का डटकर सामना करते थे। सहवाग ने आज के दौर से इसकी तुलना करते हुए कहा कि अब खिलाड़ी गेंद फेंकने वाली मशीन के सामने अभ्यास करते समय भी हेलमेट को मजबूती से बांधते हैं। उनके मुताबिक गावस्कर का साहस ही उन्हें बाकी बल्लेबाजों से बिल्कुल अलग बनाता था।
सहवाग ने गावस्कर को बताया शोले
सहवाग ने अपने पोस्ट में एक ऐसी बात लिखी जिसने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि अगर क्रिकेट एक फिल्म होती तो सुनील गावस्कर 'शोले' होते। सहवाग का मतलब साफ था कि जिस तरह 'शोले' ने सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई, उसी तरह गावस्कर ने क्रिकेट को बदल दिया। उन्होंने लिखा कि गावस्कर ने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि पूरी एक पीढ़ी को यह दिखाया कि डरने की जरूरत नहीं है। सहवाग ने प्यार से उन्हें 'सनी भाई' कहते हुए जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
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सिर्फ बधाई नहीं था यह पोस्ट
वीरेंद्र सहवाग का यह संदेश सिर्फ जन्मदिन की बधाई तक सीमित नहीं था। इसमें उस खिलाड़ी के लिए सम्मान था, जिसने मुश्किल दौर में टीम इंडिया की बल्लेबाजी को नई पहचान दी। उस समय बल्लेबाजों के पास आज जैसी सुरक्षा नहीं होती थी और सामने दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज होते थे। इसके बावजूद गावस्कर मैदान पर डटे रहते थे। सहवाग ने अपने अंदाज में युवा खिलाड़ियों को भी गावस्कर से सीखने का संदेश दिया। यही वजह है कि उनका लंबा पोस्ट क्रिकेट फैंस को काफी पसंद आया।
10 हजार रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज
सुनील गावस्कर का नाम दुनिया के सबसे महान टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल है। वह टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने थे। गावस्कर ने 1971 से 1987 तक टीम इंडिया के लिए खेला। उन्होंने 125 टेस्ट मुकाबलों की 214 पारियों में 10,122 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 34 शतक और 45 अर्धशतक निकले। वनडे में भी उन्होंने 102 पारियों में 3,092 रन बनाए। उनके इन आंकड़ों ने आने वाली कई पीढ़ियों के बल्लेबाजों के लिए नया रास्ता तैयार किया।
सचिन भी मानते हैं गावस्कर को आदर्श
सुनील गावस्कर का असर सिर्फ उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ियों तक नहीं रहा। सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज भी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। गावस्कर ने जिस दौर में तेज गेंदबाजों का सामना किया, उसे याद कर आज भी क्रिकेट के दिग्गज हैरान होते हैं। वीरेंद्र सहवाग के जन्मदिन वाले पोस्ट ने एक बार फिर गावस्कर की पुरानी यादें ताजा कर दीं। यही कारण है कि सहवाग ने साफ शब्दों में बताया कि गावस्कर ने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि खिलाड़ियों को बिना डरे मैदान पर लड़ना भी सिखाया।