झारखंड के पलामू जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। अंधविश्वास और जादू-टोने के शक ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं, जब एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया है।
बीमारी से मौत और शक की शुरुआत
घटना पांकी थाना क्षेत्र के आसेहर पंचायत अंतर्गत कुसड़ी गांव की है। गांव निवासी महेशी भुईयां पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद उनके बेटों रबींद्र भुईयां और प्रमोद भुईयां ने पड़ोसी विजय भुईयां पर जादू-टोना और ओझा-गुनी कराने का शक जताया। यही संदेह धीरे-धीरे हिंसक गुस्से में बदल गया।
धारदार हथियार से जानलेवा हमला
रविवार की रात दोनों भाई विजय भुईयां के घर पहुंचे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में विजय, उनकी पत्नी और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के दौरान एक नाबालिग युवती और एक अन्य महिला नीतू देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
गांव में दहशत, आरोपी फरार
ट्रिपल मर्डर की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया, वहीं पुलिस को सूचना मिलते ही टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी शुरू की। कुछ ही समय में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में मामला अंधविश्वास और जादू-टोने के शक से जुड़ा पाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घायलों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अंधविश्वास पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और झूठी मान्यताओं के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और शिक्षा की कमी ऐसी घटनाओं को जन्म देती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह या शक के आधार पर कानून हाथ में न लें और विवाद की स्थिति में पुलिस से संपर्क करें।