Delhi government launches: दिल्ली सरकार ने संस्थागत देखभाल छोड़ने वाले अनाथ और जरूरतमंद युवाओं के लिए बड़ी पहल करते हुए नई ‘आफ्टरकेयर स्कीम’ को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मातृ दिवस के मौके पर इस योजना का ऐलान किया। इस योजना का उद्देश्य 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चाइल्ड केयर संस्थानों से बाहर आने वाले युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार का कहना है कि कोई भी युवा खुद को अकेला महसूस न करे और उसे सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।
मातृ दिवस पर बच्चों से मिलीं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को लाजपत नगर स्थित विलेज कॉटेज होम पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनसे आत्मीय बातचीत की। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस संस्थान में बच्चों की देखभाल, शिक्षा और सुरक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए भी तैयार कर रही है।
युवाओं को मिलेगी शिक्षा और रोजगार सहायता
नई आफ्टरकेयर योजना के तहत युवाओं को उच्च शिक्षा, कॉलेज अध्ययन, स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान रहेगा। योजना में आर्थिक सहायता और मासिक स्टाइपेंड का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा काउंसलिंग, करियर गाइडेंस, व्यक्तित्व विकास और पुनर्वास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि युवा आत्मविश्वास के साथ स्वतंत्र जीवन शुरू कर सकें।
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हर साल सैकड़ों युवा छोड़ते हैं संस्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 88 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस संचालित हैं, जहां 18 वर्ष तक के बच्चों को देखभाल और सुरक्षा दी जाती है। हर साल करीब 150 से 200 युवा 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इन संस्थानों से बाहर आते हैं। इसके बाद उन्हें पढ़ाई, रोजगार, आर्थिक संकट और सुरक्षित माहौल जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सरकार की नई योजना ऐसे युवाओं को आगे बढ़ने में मदद करेगी।
योजना के लिए तय हुआ 3.5 करोड़ का बजट
दिल्ली सरकार ने इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए वर्ष 2026-27 में 3.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। राज्य स्तर पर स्टेट आफ्टरकेयर कमेटी और जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट आफ्टरकेयर कमेटियों का गठन किया जाएगा, जो युवाओं की जरूरतों का आकलन कर उन्हें सहायता उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि संस्थागत देखभाल छोड़ने के बाद भी हर युवा को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग मिलता रहे और वह आत्मनिर्भर जीवन जी सके।