Acid Sale Ban : तेजाब हमले रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा है कि तेजाब की खुदरा बिक्री पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लगाई जा सकती। अगर पूरी तरह रोक संभव नहीं है तो इसकी बिक्री को बेहद सख्त नियमों के तहत लाने पर विचार किया जाए। यह मामला तेजाब हमले की पीड़ित शाहीन मलिक की याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ किया कि केवल नियम बनाना काफी नहीं है, उनका जमीन पर पालन होना भी जरूरी है।
2013 के नियमों पर भी उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेजाब की बिक्री को लेकर साल 2013 में बनाए गए नियम अब पुराने पड़ चुके हैं और कई जगह उनका ठीक से पालन नहीं हो रहा है। पहले से ही तेजाब बेचने के लिए खरीदार की पहचान, उम्र और खरीदने का कारण दर्ज करने जैसे नियम मौजूद हैं। इसके बावजूद तेजाब आसानी से उपलब्ध होने की बात सामने आने के बाद अदालत ने केंद्र से इस पूरे नियम को नए सिरे से देखने को कहा है।
पूरी रोक या बेहद सख्त नियम, दो विकल्प
अदालत ने केंद्र के सामने दो रास्ते रखे हैं। पहला, तेजाब की खुदरा बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। दूसरा, अगर बिक्री जारी रहती है तो इसे बेहद सख्त नियमों के तहत किया जाए। सुनवाई के दौरान खरीदार की उम्र तय करने, खरीद का कारण लिखित में लेने और खरीदार का पूरा रिकॉर्ड रखने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई।
राज्यों से भी मांगी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी तेजाब हमलों से जुड़ी जानकारी मांगी है। अदालत जानना चाहती है कि कितने मामले दर्ज हुए, कितने मामलों में आरोपपत्र दाखिल हुए और कितने मामले अभी अदालतों में लंबित हैं। इससे तेजाब हमलों के मामलों में कार्रवाई की स्थिति को समझने में मदद मिलेगी।
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पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास पर भी जोर
अदालत ने सिर्फ तेजाब की बिक्री पर रोक की बात नहीं की, बल्कि हमले के बाद पीड़ितों की जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने पर भी जोर दिया है। केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छह सप्ताह के भीतर तेजाब हमले के पीड़ितों के लिए उचित पुनर्वास योजना तैयार करने को कहा गया है। इसमें मुआवजा, इलाज और उच्च स्तर तक मुफ्त शिक्षा जैसी सुविधाएं शामिल करने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल और कॉलेजों में तेजाब हमले से बचाव, हमले के बाद तुरंत इलाज और जरूरी कदमों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी बताई है। अब केंद्र सरकार को तेजाब की खुदरा बिक्री पर पूरी रोक या सख्त नियमों को लेकर अपना जवाब देना होगा। इस फैसले का मकसद तेजाब हमलों को रोकना और पीड़ितों को बेहतर सुरक्षा और सहायता देना है।