सुप्रीम कोर्ट ने 5 लापता रोहिंग्या नागरिकों का पता लगाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि क्या हम अवैध रूप से देश में घुसने वालों को सभी सुविधाएं देने के लिए रेड कार्पेट बिछाएंगे? कोर्ट ने कहा कि हमारे पास पहले से ही गरीब नागरिक हैं, जिन्हें सुविधाओं की जरूरत है।
16 दिसंबर को फिर से सुनवाई के लिए रखा गया
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या रोहिंग्या शरणार्थियों को शरणार्थी का दर्जा दिया गया है? कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर वे अवैध रूप से देश में घुसे हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार वापस भेजा जाना चाहिए। यह मामला 16 दिसंबर को फिर से सुनवाई के लिए रखा गया है।
क्या अवैध तरीके से आए रखने वालों को रखना हमारा दायित्व
इसके साथ ही CJI ने कहा कि उत्तर भारत की सीमाएं बेहद संवेदनशील हैं. लोग सुरंगों के रास्ते अंदर आते हैं और फिर भोजन, आश्रय, बच्चों की शिक्षा का अधिकार मांगते हैं. क्या कानून को इतना खींचना चाहिए? क्या हमारे बच्चे इन सुविधाओं के हकदार नहीं?” कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या कोई आधिकारिक आदेश है जो रोहिंग्या समुदाय को ‘शरणार्थी' घोषित करता हो? अगर कोई कानूनी दर्जा ही नहीं है, कोई व्यक्ति अवैध तरीके से घुसा है, तो क्या हमें उसे यहीं रखने का दायित्व है?