Dmolition drive continues: दिल्ली के शालीमार बाग स्थित हैदरपुर क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखने के बाद रविवार से रोड नंबर-320 के निर्धारित क्षेत्र में बने अतिक्रमणों को हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए आवश्यक भूमि पूरी तरह खाली नहीं हो जाती। अधिकारियों के अनुसार यह कदम सार्वजनिक हित और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए हो रही कार्रवाई
मध्य-उत्तर जिला प्रशासन के अनुसार संबंधित भूमि पहले से अधिग्रहित सरकारी जमीन है, जिसे मास्टर प्लान में सार्वजनिक सड़क के लिए चिन्हित किया गया है। रोड नंबर-320 शालीमार बाग रेलवे अंडर ब्रिज को आउटर रिंग रोड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यह सड़क रिंग रोड, आजादपुर, शालीमार बाग और आसपास के आवासीय तथा व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ती है। अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई प्रभावित हो रही थी, जिससे लगातार जाम की स्थिति बनती थी और आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
सर्वेक्षण में मिले 143 अवैध निर्माण
प्रशासन ने बताया कि वर्ष 2025 में विभिन्न विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आधुनिक तकनीक की मदद से भूमि का सीमांकन कराया गया था। जनवरी 2026 में हुए सर्वेक्षण में निर्धारित 30 मीटर राइट ऑफ वे के भीतर 143 अनधिकृत पक्के निर्माण पाए गए। इनमें लगभग 19.5 मीटर क्षेत्र में सड़क मौजूद है, जबकि करीब 10.5 मीटर हिस्सा अतिक्रमण की वजह से बाधित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल आवश्यक 10.5 मीटर क्षेत्र में ही कार्रवाई की जा रही है, ताकि कम से कम लोगों को प्रभावित करना पड़े।
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अदालतों ने प्रशासनिक कार्रवाई को माना वैध
प्रभावित लोगों की ओर से भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालतों का रुख किया गया था। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में याचिका खारिज करते हुए कहा कि भूमि का अधिग्रहण कानूनी रूप से पूरा हो चुका है और सार्वजनिक महत्व की परियोजना को रोका नहीं जा सकता। बाद में पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी गई। इसके बाद मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा, जहां 29 मई 2026 को विशेष अनुमति याचिका भी निरस्त कर दी गई। इससे प्रशासन को कार्रवाई जारी रखने की अंतिम न्यायिक स्वीकृति मिल गई।
प्रभावित परिवारों के लिए सहायता पैकेज
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत योजना की भी घोषणा की है। इसके तहत पात्र परिवारों और इकाइयों को तीन लाख रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिन परिवारों के पास वैकल्पिक आवास नहीं है, उन्हें सावदा घेवरा में 11 माह तक अस्थायी आवास उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य न्यायालय के आदेशों का पालन करने के साथ-साथ प्रभावित लोगों को यथासंभव सहायता प्रदान करना है। अधिकारियों का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लाखों लोगों को इसका लाभ मिलेगा।