
Supreme court: भारतीय सेना पर कथित बयान को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत तो मिली, लेकिन साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नसीहत भी दी. अदालत ने लखनऊ ट्रायल कोर्ट के समन पर रोक लगाते हुए राहुल गांधी को नोटिस जारी किया. मामला 2020 के गलवान घाटी संघर्ष से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी ने सेना पर टिप्पणी की थी. इस बयान को लेकर उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था.
"सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी"
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्होंने यह बयान संसद में क्यों नहीं दिया और सोशल मीडिया का सहारा क्यों लिया. अदालत ने कहा कि यदि आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बातें नहीं कह सकते. भले ही संविधान ने अभिव्यक्ति की आज़ादी दी है, पर एक जिम्मेदार नेता को संयम बरतना चाहिए. अदालत ने यह भी पूछा कि चीन द्वारा जमीन कब्जाने के आपके दावे का कोई प्रमाण है क्या? जब सीमा विवाद होता है, तब क्या इस तरह के बयान देना सही है?
"राहुल गांधी का बयान और विवाद की जड़"
2022 में राजस्थान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि देश के लोग भारत जोड़ो यात्रा या नेताओं के आपसी विवादों पर सवाल करते हैं, लेकिन कोई चीन द्वारा 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जाने या 20 भारतीय सैनिकों की शहादत पर सवाल नहीं उठाता. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों की पिटाई हुई है। इसी बयान के चलते उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सामने आई है.