NEET-UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से साफ जवाब मांगा है। अदालत ने कहा है कि जांच कहां तक पहुंची, भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए क्या तैयारी है और सरकार कौन-कौन से कदम उठा रही है, इसकी पूरी जानकारी हलफनामे के जरिए दी जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पूरे साल इस मामले की निगरानी करेगा।
केंद्र सरकार को दाखिल करना होगा हलफनामा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह विस्तृत हलफनामा दाखिल करे। इसमें जांच की मौजूदा स्थिति, अब तक की कार्रवाई और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए तैयार की जा रही व्यवस्था का पूरा ब्यौरा देना होगा। अदालत ने कहा कि हलफनामा मिलने के बाद वह पूरे मामले की समीक्षा करेगी।
पूरे साल करेगी मामले की मॉनिटरिंग
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। इसलिए अदालत पूरे साल इस मामले की निगरानी करेगी और समय-समय पर जांच की प्रगति का फॉलो-अप लेगी। कोर्ट का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
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सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। सरकार ने कहा कि पेपर छपने की प्रक्रिया से लेकर परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचने की पूरी व्यवस्था का विस्तृत विवरण अदालत के सामने रखा जाएगा। साथ ही यह भी बताया गया कि इस मामले की निगरानी उच्च प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है।
छात्रों की चिंता को बताया अहम
केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में छात्रों का भरोसा कायम रहे।
लाखों छात्रों की निगाह अब अगली सुनवाई पर
NEET-UG परीक्षा से जुड़े इस मामले का असर देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों पर पड़ा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख इस पूरे विवाद को नई दिशा दे सकता है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार के हलफनामे और अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां जांच की प्रगति और आगे की रणनीति पर फैसला होगा।