मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई टिप्पणी को लेकर सुप्रीम Court ने कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को अभियोजन मंजूरी में देरी पर फटकार लगाई और साफ कहा कि अब आदेशों का पालन किया जाए। मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मध्यप्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि SIT द्वारा भेजे गए अभियोजन प्रस्ताव पर फैसला काफी पहले हो जाना चाहिए था। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “बस बहुत हुआ, अब हमारे आदेश का पालन करें।” कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में सबसे पहले माफी मांगी जानी चाहिए थी। इस दौरान अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की।
‘मंत्री को ऐसे बयान देने की आदत’
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मंत्री विजय शाह शायद महिला अधिकारी की तारीफ करना चाहते थे और उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एक वरिष्ठ राजनेता अच्छी तरह जानते हैं कि किसी महिला अधिकारी की प्रशंसा कैसे की जाती है। अदालत ने SIT रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री को इस तरह की टिप्पणियां करने की आदत रही है।
सोफिया कुरैशी पर बयान से बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत उस बयान से हुई थी, जो विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मीडिया ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का जिक्र करते हुए उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसे उनके धर्म से जोड़कर देखा गया। बयान सामने आते ही राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी। मामला तेजी से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया।
पहले भी विवादों में रहे विजय शाह
यह पहला मौका नहीं है जब विजय शाह अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। साल 2013 में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसके अलावा राहुल गांधी के निजी जीवन को लेकर भी उनकी टिप्पणी विवादों में रही थी।
विद्या बालन मामले ने भी बटोरी थीं सुर्खियां
साल 2023 में फिल्म शूटिंग के दौरान अभिनेत्री विद्या बालन को लेकर की गई टिप्पणी के कारण भी विजय शाह चर्चा में आए थे। उस समय उनके बयान और बाद की कार्रवाई को लेकर काफी विवाद हुआ था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद अब विपक्ष भी सरकार पर मंत्री के खिलाफ सख्त कदम उठाने का दबाव बना रहा है।