Mumbai BMW hit-and-run case: मुंबई के चर्चित BMW हिट-एंड-रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2024 में हुए इस हादसे के आरोपी मिहिर शाह की जमानत याचिका पर सुनवाई से शीर्ष अदालत ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। यह मामला पिछले साल 7 जुलाई का है, जब वर्ली इलाके में तेज रफ्तार BMW कार ने एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी। हादसे में 45 वर्षीय कावेरी नखवा की मौत हो गई थी, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि इस तरह के मामलों में केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि परवरिश और सामाजिक जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में आती है। अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि संपन्न परिवारों के युवा कानून को हल्के में ले रहे हैं। कोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों में कुछ समय तक सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत जैसे मामलों में समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने हादसे के बाद कार नहीं रोकी और मौके से फरार हो गया। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे युवाओं को कानून का सबक मिलना चाहिए, ताकि जिम्मेदारी का एहसास हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि माता-पिता और समाज की भूमिका पर भी विचार किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकी जा सके।
मामले की पृष्ठभूमि
आरोपी मिहिर शाह को हादसे के दो दिन बाद गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में है। आरोप है कि टक्कर के बाद पीड़िता को काफी दूरी तक कार से घसीटा गया। बॉम्बे हाई कोर्ट पहले ही जमानत से इनकार कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि फिलहाल आरोपी को राहत मिलने की संभावना नहीं है और मामले में सख्त कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।