Supreme Court Takes Major Step: सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े चार मामलों पर सुनवाई हुई। अदालत ने राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं की याचिकाओं पर चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा। वहीं, महिला पत्रकारों से जुड़े मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच के तरीके पर भी सवाल उठे। सुनवाई के दौरान अदालत ने कोर्ट की गरिमा को लेकर भी टिप्पणी की।
अदालत की गरिमा पर CJI ने की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कोर्ट परिसर में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे वकील आहत हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को पत्र भी लिखा गया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत को कोई धमका नहीं सकता और कोर्ट के भीतर सभी को मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
महिला पत्रकारों के मामले में गिरफ्तारी नहीं करने की बात
वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने महिला पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस से जुड़े विवाद में शिकायत करने वाली महिला पत्रकार के खिलाफ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने स्वतंत्र जांच के लिए समिति बनाने की मांग की। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि संबंधित लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। समिति बनाने पर फैसला अदालत करेगी।
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SIR को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की SIR से संबंधित याचिका पर चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया। याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। अब इस मामले में संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी।
ओवैसी की याचिका पर भी नोटिस
चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में असदुद्दीन ओवैसी की ओर से दाखिल याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इन याचिकाओं में चुनाव प्रक्रिया और आयोग की भूमिका से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। अदालत के नोटिस के बाद अब संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखना होगा।