Supreme Court Traffic Challan Rules : देशभर में बढ़ते बकाया ट्रैफिक ई-चालान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि जिन वाहन मालिकों ने ट्रैफिक जुर्माना जमा नहीं किया है, उन्हें कई ऑनलाइन और वाहन संबंधी सेवाओं से वंचित किया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल ई-चालान जारी करने से काम नहीं चलेगा, जब तक जुर्माने की प्रभावी वसूली नहीं होती। देशभर में ट्रैफिक ई-चालान का बकाया आंकड़ा हजारों करोड़ रुपये तक
पहुंच चुका है, जिसे लेकर अदालत ने चिंता जताई है।
लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल पर लग सकती है रोक
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि जिन वाहनों पर ट्रैफिक जुर्माना बकाया है, उनके रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण, फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC), वाहन स्वामित्व हस्तांतरण और ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल जैसी सेवाएं रोकी जाएं। अदालत का मानना है कि इससे लोगों पर जुर्माना जमा करने का दबाव बनेगा और नियमों का पालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।
बकायेदार वाहनों को किया जाएगा ब्लैकलिस्ट
कोर्ट ने यह भी कहा है कि जिन वाहनों पर ई-चालान लंबित हैं, उन्हें केंद्रीय परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट किया जाए। ऐसे वाहनों की खरीद-फरोख्त और ट्रांसफर पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, जब तक ट्रैफिक जुर्माना जमा नहीं किया जाता, तब तक संबंधित वाहन का पीयूसी प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने वालों के मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने या उसके नवीनीकरण पर रोक लगाने की भी बात कही गई है।
ये भी पढ़ें : G7 के फैसले से Trump को राहत, 10 करोड़ बैरल तेल-डीजल जारी करने पर बनी सहमति
20 हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया बना चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि देशभर में जारी किए गए ई-चालानों पर बड़ी रकम अब भी बकाया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि लाखों ई-चालान जारी करने का कोई मतलब नहीं है, यदि सरकारें उनसे जुर्माना वसूल ही न सकें। अदालत ने माना कि सड़क सुरक्षा कानूनों को प्रभावी बनाने के लिए वसूली की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है।
बिजली बिल से वसूली का भी आया सुझाव
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक दिलचस्प सुझाव भी दिया। अदालत ने कहा कि अगर लोग ट्रैफिक चालान नहीं भर रहे हैं तो बकाया राशि को बिजली बिल से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोग बिजली का बिल तो भरते ही हैं, इसलिए वसूली के लिए व्यावहारिक व्यवस्था तलाशनी होगी। हालांकि फिलहाल बिजली बिल से चालान वसूली को लेकर कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है।
सड़क नियमों को लेकर बढ़ सकती है सख्ती
सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों के बाद आने वाले समय में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और सख्त हो सकती है। यदि राज्यों ने अदालत के निर्देशों को लागू किया, तो बकाया चालान रखने वाले वाहन मालिकों को वाहन संबंधी कई जरूरी सेवाओं के लिए पहले अपना जुर्माना जमा करना पड़ सकता है। इससे ट्रैफिक नियमों के पालन और ई-चालान वसूली दोनों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।