Strict Action Against Politicians: महाराष्ट्र में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हिंसा करने वाले नेताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। कोर्ट ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जरूरत बताते हुए कहा कि डॉक्टरों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह टिप्पणी शिवसेना के शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की।
डॉक्टरों से मारपीट को लेकर कड़ी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी डॉक्टर के चैंबर में जाकर उसके साथ मारपीट करना बेहद गंभीर मामला है। अदालत ने साफ किया कि ऐसी घटनाओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके और चिकित्सा कर्मियों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम रहे।
रमेश म्हात्रे की जमानत पर सुनवाई
यह मामला कल्याण के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अगस्त 2026 में कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी। एक शर्त के तहत उन्हें मुकदमे की शुरुआत तक महाराष्ट्र से बाहर गोवा के अंजुना इलाके में रहने को कहा गया था। म्हात्रे ने जमानत की इस शर्त में बदलाव की मांग सुप्रीम कोर्ट में की थी, लेकिन उनके वकील मुकुल रोहतगी ने याचिका वापस ले ली।
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महाराष्ट्र सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की
सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि उसने रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका पर म्हात्रे को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद डॉक्टरों पर हमले के मामलों में राजनीतिक लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
पालघर अस्पताल में भी मारपीट का आरोप
इससे पहले पालघर जिले के एक अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप है कि दही हांडी उत्सव के दौरान घायल एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी देने को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद कुछ लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति के अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट को थप्पड़ मारने की घटना सामने आने का दावा किया गया है। शिकायत के मुताबिक, घटना के दौरान शिवसेना के कुछ स्थानीय पदाधिकारी भी अस्पताल में मौजूद थे।