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Situation in neighboring countries: सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति द्वारा विधेयकों पर स्वीकृति से जुड़े सवालों पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई ने पड़ोसी देशों की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने संविधान पर गर्व है और इसकी ताकत को समझना चाहिए। चीफ जस्टिस ने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि देखिए हमारे पड़ोसी देशों में क्या हाल है, हाल ही में वहां हिंसा और अव्यवस्था देखी गई। इस पर संविधान पीठ में शामिल जस्टिस विक्रम नाथ ने भी सहमति जताई और कहा कि बांग्लादेश में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे।
सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक बहस
पांच जजों की संविधान पीठ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की विधेयकों पर हस्ताक्षर संबंधी शक्तियों से जुड़े 14 सवालों पर सुनवाई कर रही है। यह मामला संवैधानिक महत्व का है और इसका असर विधायी प्रक्रिया की स्पष्टता पर पड़ेगा। इसी बहस के दौरान चीफ जस्टिस ने पड़ोसी मुल्कों की अस्थिरता का जिक्र कर भारतीय संविधान की मजबूती पर जोर दिया।
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पड़ोसी देशों से मिली सीख
नेपाल में हाल के दिनों में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक विरोध प्रदर्शन ने वहां की स्थिति बिगाड़ दी है। वहीं, बांग्लादेश में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि भारत को अपने संविधान और लोकतांत्रिक ढांचे पर भरोसा रखना चाहिए और उसे सहेजकर आगे बढ़ना चाहिए। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मजबूत संविधान ही किसी भी लोकतंत्र की असली नींव है।