
सुप्रिया सुले ने पीएम मोदी के विपक्ष पर भरोसे को बताया ‘राजनीतिक बड़प्पन’, तेजस्वी सूर्या पर कसा तंज। लोकसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक सकारात्मक टिप्पणी सामने आई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुले मंच पर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद विपक्षी नेताओं पर विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करने के लिए भरोसा जताया, जो उनके 'राजनीतिक बड़प्पन' को दर्शाता है। उन्होंने इसे सशक्त लोकतंत्र का उदाहरण बताया।
पीएम मोदी ने दिखाया राजनीतिक बड़प्पन
सुप्रिया सुले ने कहा कि जब देश के हित की बात आती है, तब राजनीति पीछे रह जाती है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी नेताओं को भी विदेश दौरे के प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया और नेतृत्व करने का मौका दिया। यह उनकी परिपक्वता और समावेशी सोच का प्रतीक है।
तेजस्वी सूर्या को इतिहास दोबारा पढ़ने की सलाह
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों की आलोचना पर सुप्रिया सुले ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सूर्या जो इतिहास उन्हें पढ़ा रहे थे, वह पहले खुद पढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा सैन्य बलों का मनोबल ऊंचा रखा है और उनका योगदान कभी कम नहीं रहा।
सेना के सम्मान और विपक्ष की एकजुटता का दिया संदेश
सुप्रिया सुले ने भारतीय सेना की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों जवानों के योगदान को कमतर आंकना उनका अपमान है। उन्होंने पहलगाम हमले के बाद बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने तत्काल सरकार को समर्थन देने की घोषणा की थी।
लोकतंत्र में संवाद की जगह जरूरी: सुले
सुप्रिया ने कहा, "सशक्त लोकतंत्र वही होता है जहां भिन्न विचारों के बावजूद जब देश पर संकट हो, तो सब एक साथ खड़े हों। यही पीएम मोदी ने भी किया और विपक्ष ने भी जवाब में एकजुटता दिखाई।"