Suryakumar Yadav Exit : टी20 वर्ल्ड कप और एशिया कप जीतने के बाद भी टीम इंडिया से बाहर होना सूर्यकुमार यादव के लिए आसान नहीं था। पहली बार उन्होंने खुलकर बताया कि जब इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए टीम का ऐलान हुआ और उनका नाम उसमें नहीं था, तब उन्हें काफी हैरानी हुई। हालांकि उस वक्त उन्होंने अपनी आदत के मुताबिक मुस्कुराकर स्थिति को स्वीकार करने की कोशिश की। सूर्या ने कहा कि मुश्किल समय में वह खुद को शांत रखने के लिए अक्सर मुस्कुराते हैं।
नहीं थी ऐसे फैसले की उम्मीद
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि 2026 की शुरुआत में उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि उनके साथ ऐसा होगा। उनका मानना था कि वह अगले दो साल तक टीम का नेतृत्व करेंगे। उनके सामने ओलंपिक और अगला टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े लक्ष्य थे। उन्हें भरोसा था कि जिस तरह टीम लगातार सफलता हासिल कर रही है, उसी दिशा में आगे बढ़ने का मौका भी मिलेगा।
चयनकर्ताओं ने पहले ही दी थी जानकारी
सूर्या ने खुलासा किया कि टीम की घोषणा से करीब दो-तीन दिन पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें फोन किया था। उन्हें बताया गया कि आने वाली सीरीज के लिए उनका चयन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने किसी तरह की नाराजगी नहीं दिखाई। उनका मानना था कि चयनकर्ताओं ने जो फैसला लिया होगा, वह टीम के हित को ध्यान में रखकर लिया होगा। इसलिए उन्होंने उस फैसले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से बचना ही बेहतर समझा।
फिर मन में उठने लगे सवाल
हालांकि समय बीतने के साथ उनके मन में कई सवाल आने लगे। सूर्यकुमार ने कहा कि जब आपने दो साल में एक भी टी20 सीरीज नहीं गंवाई, टीम को एशिया कप और वर्ल्ड कप जिताया, तो फिर अचानक बदलाव क्यों किया गया? यही सवाल उन्हें लगातार परेशान करता रहा। उनके मुताबिक सब कुछ सही चल रहा था, इसलिए उन्हें समझ नहीं आया कि कप्तानी और टीम में बदलाव की जरूरत आखिर क्यों महसूस की गई।
डेढ़ महीने तक सोचते रहे
सूर्या ने बताया कि टीम से बाहर होने के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक घर पर रहे। इस दौरान परिवार और दोस्तों ने उनका हौसला बढ़ाया। सभी ने उन्हें समझाया कि खेल में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। लेकिन जब वह अकेले होते थे तो उनके मन में वही सवाल घूमता रहता था कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। उन्होंने माना कि यह दौर उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
इसे भी पढ़ें : 47 पारियां खेलीं, फिर भी कभी नहीं हुए शून्य पर आउट, टेस्ट क्रिकेट के 5 बल्लेबाजों का अनोखा रिकॉर्ड
श्रेयस पर नहीं उठाया सवाल
सूर्यकुमार यादव ने यह भी साफ किया कि उन्हें श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाए जाने से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह श्रेयस को लंबे समय से जानते हैं और उन्हें एक अच्छे खिलाड़ी, अच्छे इंसान और सक्षम कप्तान के रूप में देखते हैं। फिर भी उनके मन में यह बात जरूर रही कि लगातार सफलता दिलाने वाली टीम में अचानक बदलाव क्यों किया गया। अब अपने बयान के जरिए सूर्या ने पहली बार उस दर्द, निराशा और उलझन को सामने रखा है, जो टीम से बाहर होने के बाद उनके भीतर चल रही थी।