सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के रोमांचक मुकाबले में भले ही मुंबई को केरल के खिलाफ 15 रनों से हार झेलनी पड़ी हो, लेकिन मैदान पर असली चर्चा सूर्यकुमार यादव यानी सूर्या भाऊ की रही । 179 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई की शुरुआत डगमगा गई थी, लेकिन सरफराज खान और रहाणे ने कुछ समय के लिए टीम को संभाला। इसके बाद सूर्या भाऊ क्रीज पर आए और आते ही पूरे मैच का माहौल बदल दिया। उनकी 25 गेंदों में 32 रन की दमदार पारी ने मुंबई की उम्मीदों को जीवित रखा। 4 चौकों से सजी उनकी पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सूर्या क्यों T20 फॉर्मेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक हैं।
मुंबई में सबसे बड़े रन मशीन बने सूर्या भाऊ
इस मैच में सूर्या भाऊ ने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह मुंबई की T20 क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने आदित्य तरे (1,713 रन) को पीछे छोड़ते हुए अपना कुल स्कोर 1,717 तक पहुंचा दिया। 71 मैचों में 145 की स्ट्राइक रेट और 33 की औसत के साथ सूर्या भाऊ ने दिखा दिया कि वह घरेलू क्रिकेट में भी उतने ही खतरनाक हैं, जितने भारत की नीली जर्सी में। उनके अलावा सिर्फ श्रेयस अय्यर और रहाणे ही हैं जिन्होंने मुंबई के लिए 1,500 रन का आंकड़ा पार किया है जो सूर्या की खासियत और निरंतरता को और मजबूती से साबित करता है।
टी-20 करियर में सूर्या का तूफान
अगर सूर्या भाऊ के T20 करियर पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन और भी चौंकाने वाला है। अब तक 343 टी-20 मैचों में 8,973 रन, 152 की स्ट्राइक रेट और 6 शतक ये आंकड़े किसी भी आधुनिक बल्लेबाज को टक्कर देने के लिए काफी हैं। 59 अर्धशतक बतातें हैं कि सूर्या सिर्फ ताकतवर स्ट्रोक ही नहीं, बल्कि निरंतरता में भी बेजोड़ हैं। इस मैच से पहले भी वह अच्छी लय में नजर आए थे और असम के खिलाफ 20 रन बनाए थे। लेकिन केरल के खिलाफ उनका चमकदार रिकॉर्ड टू-टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खबर बन गया।
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अफ्रीका सीरीज से पहले बढ़ा रोमांच
भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सूर्या भाऊ ने कमाल किया है। 95 मैचों में 2,754 रन, 36 की औसत और 4 शतक वो सिर्फ विराट कोहली और रोहित शर्मा से पीछे हैं। यही वजह है कि अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले फैंस का उत्साह और बढ़ चुका है। सूर्या की वर्तमान फॉर्म को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह इस सीरीज में बड़ी पारी खेल सकते हैं और अपने बल्ले से विरोधियों पर दबाव बनाएंगे। मुंबई की हार के बावजूद सूर्या भाऊ ने जो रिकॉर्ड बनाया है वह इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण बन चुका है और अब क्रिकेट प्रेमी उनकी अगली पारी का इंतजार कर रहे हैं।