टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला बारिश में जरूर धुल गया, लेकिन उससे पहले टीम इंडिया ने जो कहर ढाया, उसने ग्लेन मैक्सवेल से लेकर पूरी कंगारू टीम की हालत पतली कर दी. सिर्फ 4.5 ओवर में 52/0 बनाकर भारत ने दिखा दिया था कि फाइनल में उसके तेवर कितने हाई रहने वाले हैं, बता दें ओपनर शुभमन गिल ने एक ही ओवर में चार चौके ठोककर कंगारू गेंदबाजों की लाइन-लेंथ उड़ा दी, जबकि अभिषेक शर्मा को मिले दो जीवनदान कंगारुओं के लिए वरदान नहीं, अभिशाप साबित हुए. जैसे ही भारत ने 50 रन पार किए, मौसम ने करवट ली और मैच रद्द हो गया लेकिन सीरीज पहले ही भारत की झोली में थी. 2-1 की जीत ने ऑस्ट्रेलिया के घर में उनका घमंड मिट्टी में मिला दिया.
अभिषेक का रिकॉर्ड, कंगारुओं की नींद उड़ी
इस मैच की सबसे बड़ी कहानी अभिषेक शर्मा का धमाका रहा. 528 गेंदों में 1000 रन पूरा करके उन्होंने T20I इतिहास का सबसे तेज़ रिकॉर्ड बना डाला. जिस मैदान पर कंगारुओं को लगता था कि टिम डेविड का रिकॉर्ड सुरक्षित है, वहीं अभिषेक ने ऐसी पारी खेली कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम सन्न रह गई. शुरुआत में गिल ने 29(16) की स्ट्राइकिंग से आग लगाई और अभिषेक ने उस आग को तूफान में बदल दिया. बारिश ने चाहे मैच रोक दिया हो, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने मैच को पहले ही वन-साइडेड कर दिया था.
भारत ने बार-बार तोड़ी कंगारुओं की बादशाहत
अगर रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो कहानी और भी दिलचस्प हो जाती है. 2022 भारत जीता, 2023 भारत जीता, 2025 फिर भारत जीता यानी पिछले तीन बड़े T20I द्विपक्षीय मुकाबलों में कंगारुओं को भारत ने हर बार धूल चटाई है. होबार्ट हो या गोल्ड कोस्ट, हर जगह सूर्या ब्रिगेड ने ऐसे प्रहार किए कि ऑस्ट्रेलिया की रणनीति कागज पर ही धरी रह गई.गेंदबाजी बल्लेबाजी फील्डिंग तीनों में भारत का दबदबा इतना भारी रहा कि कंगारू टीम सीरीज खत्म होने से पहले ही टूटने लगी.
धोनी-कोहली की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं सूर्या
टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अब तक कभी कोई टी20 सीरीज नहीं गंवाई. ये परंपरा धोनी और विराट कोहली ने शुरू की थी और अब उसी विरासत को सूर्यकुमार यादव आगे बढ़ा रहे हैं. सूर्या की कप्तानी में अब तक भारत एक भी द्विपक्षीय टी20 सीरीज नहीं हारा है. उनके नेतृत्व में खेले 34 मैचों में भारत ने 27 जीते ये आंकड़ा बताता है कि ‘सूर्या इफेक्ट’ सिर्फ बैटिंग में नहीं, कप्तानी में भी चमक रहा है