छात्रा ललिता हत्याकांड को लेकर कलेक्ट्रेट गेट के बाहर हुए बवाल के आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी है। अब पुलिस को नामजद सुशील गौतम के तार शाहीन बाग दंगे के आरोपी उमर खालिद और खालिद सैफी से जुड़े मिले है और पुलिस को कुछ फोटो भी मिले है, जिसमें सुशील गौतम आरोपी उमर खालिद के साथ दिखाई दे रहा है।
चौंकाने वाले साक्ष्य मिले
पुलिस छात्रा ललिता हत्याकांड को लेकर बवाल करने वाले आरोपियों की पहचान के लिए लगातार सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो का मंथन कर रही है। बवाल में नामजद एक आरोपी सुशील गौतम के सोशल मीडिया अकाउंट को जब पुलिस ने खंगाला तो चौकाने वाले साक्ष्य मिले। पुलिस को शाहनी बाग में हुए दंगे के आरोपी उमर खालिद और खालिद सैफी के साथ सुशील गौतम की कुछ फोटो मिली है। उमर खालिद और खालिद सैफी का नाम वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा प्रकरण में सामने आया था। दोनों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां के तहत कार्रवाई की गई थी। इससे पहले वह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग आंदोलन से भी जुड़े थे। पुलिस की जांच में आया है कि सुशील गौतम ने अपना एक संगठन बना रखा है, जिसके बैनर तले वह विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता है। पुलिस अब संगठन की पृष्ठभूमि, उसके कार्यक्रमों, फंडिंग और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।
अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया से मिले सुरागों के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। कलेक्ट्रेट बवाल मामले में अभी भी सात से आठ आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। फरार आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की निगरानी की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेटी की हत्या में न्याय में देरी हो रही
ललिता हत्याकांड को लेकर अब उनके पिता का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा, जिसमें वह कह रहे है कि अगर 20 जुलाई तक आरोपी नहीं पकड़े गए तो बड़ा आंदोलन होगा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो मिनट वीडियो में ललिता के पिता कह रहे है कि बेटी की हत्या में न्याय में देरी हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने 8 जुलाई की घटना का भी जिक्र अपनी वीडियो में किया है और कह रहे है कि धरना डॉ. सुशील गौतम के निर्देशन में शांतिपूर्वक चल रहा था, लेकिन पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कुछ लोगों को जेल भेजा है। उनको तुरंत रिहा किया जाए और फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए। बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाया जाए, अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो 20 जुलाई के बाद हम एक बड़ा आंदोलन करेंगे।