Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद एग्जिट पोल को लेकर सियासी माहौल गर्म है। इसी बीच कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने इन अनुमानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में असली मुकाबला दो बड़ी पार्टियों के बीच है, लेकिन नतीजे एग्जिट पोल से अलग हो सकते हैं। उनका मानना है कि बंगाल का मतदाता बेहद जागरूक है और उसने खुलकर अपनी पसंद जाहिर नहीं की है।
एग्जिट पोल को बताया एजेंडा
गुलाम अहमद मीर ने बीजेपी को बढ़त दिखाने वाले एग्जिट पोल को खारिज करते हुए कहा कि यह एक तरह का राजनीतिक एजेंडा है, जो लंबे समय से चल रहा है। उनके अनुसार, जमीनी स्तर पर ऐसी स्थिति नहीं दिखती, जैसी एग्जिट पोल में दिखाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ने चुनाव में पूरी ताकत झोंकी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसे बहुमत मिल जाएगा।
टीएमसी को बताया मजबूत दावेदार
मीर ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। उन्होंने कहा कि खासकर महिलाओं का बड़ा वोट बैंक टीएमसी के साथ गया है, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई देगा। उनके मुताबिक, बीजेपी को अपेक्षित बहुमत मिलना मुश्किल है।
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वेलफेयर योजनाओं का असर
कांग्रेस नेता ने कहा कि टीएमसी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा असर मतदाताओं पर पड़ा है। साथ ही, उन्होंने टीएमसी के संगठनात्मक ढांचे को भी मजबूत बताया। उनके अनुसार, लेफ्ट पार्टियां लगभग खत्म हो चुकी हैं और कांग्रेस का आधार भी काफी कमजोर है, जिससे मुकाबला मुख्य रूप से दो दलों तक सीमित हो गया है।
नतीजे एग्जिट पोल से अलग होने का दावा
मीर ने भरोसा जताया कि चुनाव परिणाम एग्जिट पोल से बिल्कुल अलग होंगे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने डर या दबाव के कारण अपनी पसंद जाहिर नहीं की। उनके अनुसार, लोगों ने मुद्दों और नीतियों के आधार पर वोट किया है, और अंतिम नतीजे आने के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।