भारत की इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम चयन नज़दीक आने के साथ ही एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है. पता चला है कि बीसीसीआई की चयन समिति अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को इस दौरे से बाहर कर सकती है. मेडिकल टीम ने बोर्ड को सूचित किया है कि शमी लंबे स्पेल फेंकने में सक्षम नहीं हैं, और उनके सभी पांच टेस्ट खेलने की संभावना भी बहुत कम है.
शमी की फिटनेस पर सवाल
बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 34 वर्षीय मोहम्मद शमी की फिटनेस टेस्ट मैचों के लिए पूरी तरह से उपयुक्त नहीं है. वह लंबे स्पेल में गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे, जिससे टीम की रणनीति प्रभावित हो सकती है. बोर्ड के एक सूत्र ने बताया कि शमी आईपीएल में केवल चार ओवर फेंक रहे हैं, और इस बात पर संदेह है कि वह टेस्ट मैचों में 10 से अधिक ओवर फेंक पाएंगे या नहीं.
बुमराह की सीमित उपलब्धता और चयनकर्ताओं की दुविधा
जसप्रीत बुमराह ने भी बोर्ड को सूचित किया है कि उनका शरीर तीन से अधिक टेस्ट मैच खेलने के लिए तैयार नहीं है. ऐसे में चयनकर्ता दुविधा में हैं कि क्या एक और ऐसे अनिश्चित गेंदबाज़ को टीम में शामिल किया जाए, जो शायद कुछ ही मैच खेल पाए. चयन समिति फिट और लंबे स्पेल फेंकने वाले तेज़ गेंदबाजों को प्राथमिकता देना चाहती है.
शमी के विकल्प: अर्शदीप या अंशुल?
शमी के बाहर होने से बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह या हरियाणा के दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज के लिए जगह खुल सकती है. अर्शदीप ने काउंटी क्रिकेट में केंट के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि कंबोज को पहले ही इंडिया ए टीम के लिए चुना जा चुका है.
भारतीय टेस्ट टीम में नेतृत्व परिवर्तन
इस बीच, इंडियन एक्सप्रेस ने पहले बताया था कि शुभमन गिल भारतीय टेस्ट टीम की अगुआई करने के लिए सबसे आगे हैं. गिल ने भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के साथ बैठक भी की थी. कुछ दिनों में चयन समिति की बैठक होने की उम्मीद है, जहां वे आधिकारिक तौर पर टेस्ट कप्तान की घोषणा करेंगे. शमी ने 2024 में टखने की सर्जरी करवाई थी, जिसके बाद वह लगभग एक साल तक क्रिकेट से दूर रहे. उन्होंने हाल ही में टी20 फॉर्मेट और चैंपियंस ट्रॉफी के ज़रिए वापसी की है.