हापुड़ रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल की महिला कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अभी परिजनों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
एमसीसी अस्पताल में नौकरी करती थी
ब्रह्मपुरी निवासी नेहा के पति रवि की एक साल पहले मौत हो चुकी है। एक साल एक साल के बेटे की परवरिश के लिए नेहा हापुड़ रोड स्थित एमसीसी अस्पताल में नौकरी करती थी। शनिवार सुबह दस बजे बेटे को घर पर छोड़कर रोज की तरह ड्यूटी पर एमसीसी अस्पताल पहुंची थीं।
प्रबंधन पर हत्या का आरोप
दोपहर को अस्पताल के एक कमरे में नेहा का शव पड़ा मिला। इसकी जानकारी प्रबंधकों ने लोहिया नगर पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही लोहिया नगर थाना प्रभारी सुमित तोमर मौके पर पहुंचे। नेहा की मौत की जानकारी मिलने पर देवर, ननद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंचे और प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी मिलते ही सीओ संग्राम सिंह मौके पर पहुंचे।
अस्पताल प्रबंधन ने सूचना नहीं दी
परिजनों का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें सूचना नहीं दी, पुलिस से उन्हें नेहा की मौत की खबर मिली। साथ अस्पताल प्रबंधन ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सीओ ने नेहा के ससुराल वालों को समझा कर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया, प्रथम दृष्टया नेहा की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है और इसकी सूचना भी अस्पताल प्रबंधन ने डायल-112 पर दी थी। इस मामले में स्टाफ और प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है। नेहा ने खुद जहर खाया या फिर उसे दिया गया है। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण पता चलेगा।