स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में मध्य प्रदेश ने एक बार फिर अपनी स्वच्छता का परचम लहराया है। इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब हासिल किया, तो भोपाल ने देश की सबसे स्वच्छ राजधानी बनकर गौरव बढ़ाया। 17 जुलाई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को सम्मानित किया। इस उपलब्धि ने पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ा दी है।
इंदौर की आठवीं जीत
इंदौर ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में शीर्ष स्थान बरकरार रखा, जो इसकी प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली और सामुदायिक भागीदारी का परिणाम है। शहर ने 100% डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, 98% स्रोत पर कचरा पृथक्करण और डंपसाइट्स के पूर्ण सुधार जैसे मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि के लिए इंदौर को सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया, जिसमें पिछले तीन वर्षों में लगातार शीर्ष तीन में रहने वाले शहर शामिल हैं।
भोपाल की शानदार वापसी
भोपाल ने इस बार तीन पायदान की छलांग लगाते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया। पिछले साल पांचवें स्थान पर रहने वाला भोपाल अब देश की सबसे स्वच्छ राजधानी बन गया है। भोपाल की मेयर मालती राय और निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया। शहर की स्वच्छता के लिए स्मार्ट डस्टबिन, प्लास्टिक उपयोग में कमी और सार्वजनिक स्वच्छता अभियान महत्वपूर्ण रहे।
मध्य प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के अन्य शहरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उज्जैन को 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में और बुधनी को 20 हजार से कम जनसंख्या वर्ग में सुपर स्वच्छ लीग में सम्मान मिला। इसके अलावा, देवास, शाहगंज, जबलपुर और ग्वालियर को भी विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। प्रदेश ने इस बार 20 स्वच्छता पुरस्कारों की उम्मीद जताई है।
स्वच्छता सर्वेक्षण का महत्व
स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2016 से शुरू यह सर्वेक्षण देश का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है। इसमें 4,477 शहरों, 61 छावनियों और 88 गंगा कस्बों का मूल्यांकन किया गया। स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सहभागिता जैसे मापदंडों पर शहरों को परखा जाता है, जो स्वस्थ और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देता है।