
Swami Chaitanyanand: दिल्ली के वसंतकुंज स्थित एक निजी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट का डायरेक्टर बनकर छात्राओं का शोषण करने वाले स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर शिकंजा कसता जा रहा है। छात्राओं की शिकायत पर सामने आया कि वह न केवल उन्हें अश्लील संदेश भेजता था बल्कि कमरे में बुलाने और विदेश ले जाने का लालच भी देता था। आरोप है कि स्वामी धमकी देता था कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो वह उन्हें परीक्षा में फेल कर देगा। जांच में 50 से अधिक छात्राओं के मोबाइल खंगाले गए, जिनमें से ज्यादातर में आरोपी की चैट डिलीट मिली। वार्डन पर इन चैट्स को मिटाने का भी आरोप है।
कई पुराने मामले और फर्जी नंबर प्लेट का खुलासा
स्वामी के खिलाफ अब तक कुल पांच एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से दो पुराने मामले उड़ीसा के हैं, जिनमें 2009 और 2016 में छेड़खानी की शिकायत हुई थी। 2016 के मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी, हालांकि बाद में जमानत मिल गई। दिल्ली में हाल ही में दर्ज तीन एफआईआर में एक धोखाधड़ी, दूसरी छात्राओं से छेड़छाड़ और तीसरी फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगाने की है। पुलिस ने उसकी गाड़ी से कई नकली प्लेट्स बरामद की हैं, जिन पर "UN" लिखा हुआ था और नंबर बदल-बदलकर इस्तेमाल किए जाते थे। फरारी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने लुकआउट नोटिस भी जारी किया है।
लोकेशन बदलकर पुलिस को दे रहा चकमा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से उड़ीसा का रहने वाला है और करीब 12 साल से आश्रम में रह रहा था। आश्रम का केयरटेकर और संचालक होने के नाते उसने संस्था की आड़ में अपने काले कारनामों को अंजाम दिया। अब वह लगातार लोकेशन बदल रहा है और मोबाइल फोन का इस्तेमाल लगभग बंद कर चुका है। उसकी आखिरी लोकेशन यूपी के आगरा क्षेत्र में मिली है। पुलिस ने आश्रम के सीसीटीवी फुटेज और हार्ड डिस्क जब्त कर जांच तेज कर दी है। वहीं, 17 छात्राओं के बयान कोर्ट में दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें ब्लैकमेलिंग और धमकियों का खुलासा हुआ है।