Swami Govind Devgiri met Champat Rai: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने अयोध्या में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात के बाद चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। अयोध्या से रवाना होने से पहले हुई इस मुलाकात के बारे में उन्होंने बताया कि चर्चा पूरी तरह संगठन, राम मंदिर की व्यवस्थाओं और चंपत राय के स्वास्थ्य को लेकर रही। उन्होंने कहा कि चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके मन में किसी प्रकार की नाराजगी या असंतोष नहीं है।
स्वास्थ्य और मंदिर व्यवस्थाओं पर हुई चर्चा
स्वामी गोविंद देवगिरी ने बताया कि मुलाकात के दौरान चंपत राय के स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। साथ ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, राम मंदिर में चल रही व्यवस्थाओं और हाल के घटनाक्रमों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य और सकारात्मक बैठक थी, जिसमें संगठनात्मक विषयों पर खुलकर चर्चा हुई।
ट्रस्ट के निर्णयों को बताया सर्वसम्मति का हिस्सा
कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि चंपत राय ट्रस्ट द्वारा लिए जा रहे नए निर्णयों और व्यवस्थाओं के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े हुए हैं। उनके अनुसार मंदिर प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, उन्हें चंपत राय का पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के भीतर किसी तरह के मतभेद जैसी बातें तथ्यात्मक नहीं हैं।
चंपत राय के योगदान का किया उल्लेख
स्वामी गोविंद देवगिरी ने कहा कि चंपत राय ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने उन्हें एक अनुशासित और समर्पित संगठन कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ ट्रस्ट को लगातार मिलता रहेगा। उनके अनुसार चंपत राय का उद्देश्य हमेशा राम मंदिर और उससे जुड़े कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाना रहा है।
अटकलों पर लगाया विराम
हाल के दिनों में चंपत राय की भूमिका और उनके रुख को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। ऐसे समय में स्वामी गोविंद देवगिरी का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि ट्रस्ट के भीतर सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और राम मंदिर से जुड़े सभी निर्णय संगठन की भावना और पारदर्शिता के आधार पर लिए जा रहे हैं।