Swami Ramdev said: विश्वप्रसिद्ध योग गुरु स्वामी रामदेव ने एक कार्यक्रम में कहा कि वह राजनीतिज्ञ नहीं हैं, लेकिन देशहित के मुद्दों पर 5 से 10 करोड़ लोगों के वोट प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार देश के 100 करोड़ से अधिक लोगों तक उनकी पहुंच है और यह सम्मान उन्हें तप, त्याग और सेवा से मिला है। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि वह बेहतर योग गुरु हैं या बेहतर बिजनेसमैन, तो रामदेव इस सवाल पर नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें व्यापारी कहना अनुचित है, क्योंकि न उनके पास निजी संपत्ति है और न ही पैसा। उन्होंने दावा किया कि वह आज भी उतना ही सादा जीवन जीते हैं जितना 30 साल पहले जीते थे।
सवाल पर नाराज हुए रामदेव
प्रश्न के दौरान रामदेव ने कहा कि एक संन्यासी को व्यापारी कहना अपमानजनक है, जबकि वह प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठकर रात 10 बजे तक देश की सेवा में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास न जमीन है, न बैंक बैलेंस, और वह जो भी कमाई होती है उसे देशहित में लगाते हैं। रामदेव ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर लगने वाले व्यापारी होने के आरोप विरोधियों की साजिश हैं। हालांकि इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद वह फिर सामान्य हुए और मुस्कुराते हुए बातचीत जारी रखी।
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वोटर्स पर प्रभाव की बात
रामदेव ने आगे कहा कि उनकी सोशल और पॉलिटिकल ताकत उनके प्रभाव में है। वह राजनीतिक व्यक्ति भले न हों, लेकिन 5 से 10 करोड़ लोगों के वोट दिशा बदल सकते हैं। उनके अनुसार देश के 99% घरों में उनकी पहुंच है और लोग उनकी जीवनशैली को अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि अडानी, अंबानी, टाटा-बिड़ला भले ही व्यापार के कारण पहचाने जाते हों, लेकिन उनका सम्मान तप और त्याग की वजह से है। रामदेव के अनुसार वह और आचार्य बालकृष्ण ने कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा, बल्कि हमेशा समाज और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है।