अगर आप माउथ फ्रेशनर के तौर पर स्वीट सुपारी का सेवन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जांच में ‘यूमी’ स्वीट सुपारी बार-बार असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में इसके निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा जांच में खुलासा
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई जांच में ‘यूमी’ नाम की स्वीट सुपारी निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। अलग-अलग दुकानों से लिए गए सैंपलों को जब प्रयोगशालाओं में जांचा गया, तो प्रारंभिक रिपोर्ट पर संदेह के बाद केंद्रीय स्तर की लैब में परीक्षण कराया गया। वहां यह उत्पाद असुरक्षित घोषित किया गया, जिससे विभाग की चिंता और बढ़ गई।
-बार फेल हुई जांच, बढ़ी सख्ती
पहली जांच के बाद दोबारा लिए गए सैंपलों में भी वही खामियां सामने आईं। लगातार असुरक्षित पाए जाने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं की सेहत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
एमपी और राजस्थान में प्रतिबंध की सिफारिश
स्वीट सुपारी के निर्माता राजस्थान स्थित एक फर्म से जुड़े होने के कारण दोनों राज्यों में इसे प्रतिबंधित करने की पहल की गई है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत इसके निर्माण और विक्रय पर रोक लगाने के लिए संबंधित आयुक्तों को जांच रिपोर्ट के साथ पत्र भेजा गया है।
जांच में पाई गई प्रमुख खामियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस स्वीट सुपारी में स्वाद बढ़ाने के लिए सैकरीन सोडियम की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई। इसके अलावा, माउथ फ्रेशनर में रंगों के उपयोग को लेकर जो नियम हैं, उनका भी उल्लंघन हुआ है। केंद्रीय लैब ने इसे न केवल असुरक्षित बल्कि भ्रामक लेबलिंग वाला उत्पाद भी माना है।
सेहत को लेकर विभाग की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऐसे उत्पादों के सेवन से बचें, जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध हो। अत्यधिक कृत्रिम मिठास और रंग लंबे समय तक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। विभाग का उद्देश्य है कि बाजार में केवल सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य उत्पाद ही उपलब्ध हों।