Swine Flu : देश के कई हिस्सों में इन दिनों स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है. आमतौर पर स्वाइन फ्लू को बुखार, खांसी और शरीर में दर्द जैसे लक्षणों से जोड़ा जाता है। लेकिन हर मरीज में सभी लक्षण एक जैसे दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों में बुखार न होने पर भी फ्लू जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं.
बिना बुखार के भी हो सकता है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू, इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। कई मामलों में मरीज को बुखार आता है, लेकिन कुछ लोगों में तापमान सामान्य रह सकता है. खासकर संक्रमण के शुरुआती दौर में केवल गले में खराश, खांसी, नाक बहना या थकान जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए केवल बुखार नहीं होने के आधार पर स्वाइन फ्लू की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता.
कैसे दिखते हैं इसके सामान्य लक्षण?
स्वाइन फ्लू में लक्षण व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर इनमें सूखी या लगातार खांसी, गले में दर्द या खराश, नाक बंद होना या बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान शामिल हो सकते हैं। कुछ लोगों को उल्टी या दस्त जैसी पेट से जुड़ी समस्या भी हो सकती है.
किन लोगों को ज्यादा सावधानी चाहिए?
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू का संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है। ऐसे लोगों में सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार कमजोरी या हालत तेजी से बिगड़ने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर फ्लू जैसे लक्षण लगातार बने रहें, बढ़ते जाएं या सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. स्वाइन फ्लू की पुष्टि केवल लक्षणों के आधार पर नहीं की जाती; जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं. बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवा लेना उचित नहीं है.