फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला गया मुकाबला इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। मैच की शुरुआत से लेकर 73वें मिनट तक दोनों टीमें गोल के लिए संघर्ष करती रहीं। दर्शकों को लगने लगा था कि मुकाबला कम स्कोर वाला रहने वाला है, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने वर्ल्ड कप का एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया।
74वें मिनट के बाद बदली पूरी कहानी
मैच का पहला गोल 74वें मिनट में आया और यहीं से रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। स्विट्जरलैंड ने अगले कुछ मिनटों में लगातार हमले किए और एक के बाद एक चार गोल दाग दिए। दूसरी ओर बोस्निया-हर्जेगोविना ने भी आखिरी पलों में एक गोल किया। खास बात यह रही कि मैच के सभी पांच गोल 74वें मिनट के बाद आए।
वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार बना रिकॉर्ड
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था कि किसी मुकाबले के पहले 73 मिनट गोलरहित रहें और उसके बाद कुल पांच गोल देखने को मिलें। यही नहीं, किसी टीम द्वारा 74वें मिनट के बाद चार गोल दागने का भी यह पहला मौका बताया जा रहा है। इस रिकॉर्ड ने मुकाबले को ऐतिहासिक बना दिया।
सब्सटिट्यूट खिलाड़ियों ने पलट दी बाजी
स्विट्जरलैंड के कोच मूरत याकिन के बदलाव मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुए। दूसरे हाफ में मैदान पर आए जोहान मंजाम्बी और रूबेन वर्गास ने पूरी तस्वीर बदल दी। मंजाम्बी ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि वर्गास ने जल्द ही दूसरा गोल करके दबाव और बढ़ा दिया।
इसके बाद बोस्निया के डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच को रेड कार्ड मिला, जिससे टीम दस खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई। इसका फायदा उठाते हुए स्विट्जरलैंड ने आक्रमण और तेज कर दिया।
मंजाम्बी बने जीत के हीरो
जोहान मंजाम्बी ने मैच में दो गोल दागकर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। युवा खिलाड़ी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई बल्कि वर्ल्ड कप में कम उम्र में दो गोल करने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में भी जगह बना ली।
कप्तान जाका ने लगाई जीत पर मुहर
बोस्निया ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर स्कोर 3-1 किया, लेकिन इंजरी टाइम में मिले पेनल्टी मौके को कप्तान ग्रैनिट जाका ने गोल में बदलकर स्विट्जरलैंड की 4-1 की शानदार जीत पक्की कर दी।
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जीत से ज्यादा रिकॉर्ड की चर्चा
इस मुकाबले ने साबित कर दिया कि फुटबॉल में आखिरी मिनट तक कुछ भी हो सकता है। 73 मिनट तक शांत रहने वाला मैच अचानक रिकॉर्डों की बरसात में बदल गया। यही वजह है कि स्विट्जरलैंड की जीत से ज्यादा चर्चा उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की हो रही है, जो फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार देखने को मिला।