ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रविवार शाम हनुक्का के पहले दिन बॉन्डी बीच पर हुए आतंकवादी हमले ने पूरे इलाके में भारी भय और अफरा-तफरी मचा दी। एक लोकप्रिय यहूदी समारोह के दौरान अचानक हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हैं। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। यह घटना मुख्य रूप से यहूदी समुदाय को निशाना बनाने के रूप में देखी जा रही है।
भीषण गोलीबारी और अफरा-तफरी
सिडनी के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर रविवार शाम गोलियों की सीरीज चली, जिससे वहां मौजूद लोग दहशत में भागते दिखे। वहां पर इसराइली त्योहार हनुक्का की शाम को मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा थे, तभी अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार सीपीआर देने, भगदड़ और चीख-पुकार की आवाजें सुनाई दीं।
किसी-किसी को निशाना बनाया गया?
यह गोलीबारी समारोह के दौरान हुई, जिसमें यहूदी समुदाय के लोग शामिल थे। पुलिस अभी तक स्पष्ट रूप से हमले के उद्देश्य की पुष्टि नहीं कर पाई है, लेकिन स्थानीय समुदाय के नेता इसे जानबूझकर निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले के रूप में देख रहे हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना बढ़ते भेदभाव और साम्प्रदायिक तनाव का परिणाम हो सकती है।
पुलिस ऑपरेशन और हिरासत में लिए गए संदिग्ध
घटना की जानकारी मिलते ही न्यू साउथ वेल्स पुलिस और एम्बुलेंस सेवाएं मौके पर पहुंची। पुलिस ने इलाके को तुरंत सील कर दिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने लोगों से उस क्षेत्र में न जाने और पुलिस निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
घायलों और मृतकों की संख्या
पुलिस और स्थानीय एजेंसियों के अनुसार गोलीबारी में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को निकटतम अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और अपील की है कि कोई अफवाह न फैले।
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने इस हमले को “शॉकिंग और बेहद दुखद” बताया है और आशा जताई है कि न्याय प्रक्रिया शीघ्र पूरी होगी। साथ ही कई समुदायों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने हमले की निंदा की है। यह घटना देश में शांति और सुरक्षा की चुनौतियों पर एक बार फिर से सवाल उठाती है।