नई दिल्ली। हजरत निज़ामुद्दीन थाना क्षेत्र अंतर्गत अल्वी चौक, बस्ती हजरत निज़ामुद्दीन में बीती देर शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मकान संख्या 134–135 में बाथरूम में लगे बिजली के गीजर में अचानक विस्फोट हो गया, जिससे घर में भीषण आग लग गई। हादसे में मकान मालिक सैयद मोहम्मद निजामी (50) की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी फ़िदा निजामी (45) धुएं से दम घुटने के कारण बेहोश हो गईं।
दक्षिण-पूर्वी जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ऐश्वर्या शर्मा के अनुसार 7 फरवरी 2026 को शाम करीब 5 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि मकान अंदर से बंद था और घर में घना धुआं भरा हुआ था। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने दरवाजे तोड़कर घर में प्रवेश किया और सभी परिजनों को बाहर निकाला।
बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले मकान मालिक
पुलिस के अनुसार सैयद मोहम्मद निजामी बाथरूम में बेहोशी की हालत में पाए गए, जबकि उनकी पत्नी भी धुएं के कारण अचेत थीं। दोनों को तुरंत एंबुलेंस से मूलचंद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सैयद मोहम्मद निजामी को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
दमकल की दो गाड़ियां, इलाके में अफरा-तफरी
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां, दो एंबुलेंस और तीन पीसीआर वैन मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के चलते पूरे इलाके में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बना रहा।
गीजर विस्फोट से लगी आग, जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाथरूम में लगे गीजर में अचानक तकनीकी खराबी के चलते विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग फैल गई। विस्फोट इतना तेज था कि सैयद मोहम्मद निजामी गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
दरगाह और श्रद्धालुओं में शोक की लहर
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और दरगाह प्रशासन मौके पर पहुंचा। सैयद मोहम्मद निजामी के निधन पर दरगाह क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। दरगाह प्रशासन ने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी और हादसे के कारणों की गहन जांच कराई जाएगी।
कौन थे सैयद मोहम्मद निजामी
सैयद मोहम्मद निजामी, प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा हसन सानी निजामी के भतीजे थे और हजरत निज़ामुद्दीन दरगाह से जुड़े कई अहम धार्मिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। उनके अचानक निधन से परिवार, दरगाह प्रशासन और श्रद्धालुओं में गहरा शोक व्याप्त है।