CSU Symptoms: अक्सर जब हमारी त्वचा पर लाल दाने या चकत्ते निकलते हैं, तो हम यही सोचते हैं कि शायद किसी खाने की चीज से या लगाने वाली क्रीम से एलर्जी हो गई है। लेकिन अगर यही परेशानी हफ्तों या महीनों तक लगातार बनी रहे, तो यह किसी सामान्य एलर्जी से कहीं ज्यादा गंभीर स्थिति हो सकती है। त्वचा विशेषज्ञ इसे क्रोनिक स्पॉन्टेनियस अर्टिकेरिया यानी CSU कहते हैं, जो लंबे समय तक चलने वाली एक त्वचा की बीमारी है। इसे समय पर पहचानना जरूरी है, ताकि सही इलाज शुरू हो सके।
CSU के लक्षण
इस बीमारी की सबसे बड़ी पहचान त्वचा पर उभरने वाले चकत्ते हैं। ये लाल या आपकी सामान्य त्वचा के रंग जैसे हो सकते हैं और इनमें तेज खुजली होती है। इसकी खास बात यह है कि एक चकत्ता कुछ घंटों में गायब हो जाता है, लेकिन शरीर के किसी अन्य हिस्से पर नया चकत्ता निकल आता है। अगर यह समस्या लगातार 6 हफ्ते से ज्यादा समय से बनी हुई है, तो तुरंत किसी त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराएं। आमतौर पर खुजली दिन के मुकाबले रात के समय ज्यादा परेशान करती है, जिससे मरीजों की नींद टूट जाती है और अगले दिन भारी थकान महसूस होती है।
CSU मरीजों पर किया गया सर्वे
हाल ही में CSU के मरीजों पर हुए एक सर्वे में सामने आया है कि 62 प्रतिशत लोगों ने बीमारी के दौरान नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना किया, जबकि करीब 49 प्रतिशत लोगों ने गंभीर थकान की शिकायत की।
कब होना चाहिए सावधान
कुछ मरीजों में त्वचा की गहराई में सूजन भी आ जाती है, जिसे एंजियोएडेमा कहा जाता है। यह आमतौर पर होंठ, पलक, हाथ और पैरों पर दिखाई देती है। यह सूजन कभी चकत्तों के साथ तो कभी अकेले भी हो सकती है। अगर सूजन बार-बार आ रही है तो विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। वहीं अगर सांस लेने या निगलने में दिक्कत हो या जीभ और गले में सूजन महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे।
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मानसिक सेहत पर असर
इसके अलावा बार-बार चकत्ते और सूजन दिखने की वजह से लोगों में आत्मविश्वास की कमी और सामाजिक जीवन पर बुरा असर पड़ने लगता है। लगातार यह चिंता बनी रही है कि कहीं लोगों के सामने दोबारा खुजली या चकत्त न शुरू हो जाएं, जिससे तनाव और डिप्रेशन की समस्या भी बढ़ने लगती है।
खुद न बने डॉक्टर
इस बीमारी में अक्सर कोई एक निश्चित वजह पकड़ में नहीं आती। इसलिए किसी एक चीज को दोषी मानकर खुद ही दवाएं लेना या छोड़ना सही नहीं है।