टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। ग्रुप स्टेज में लगातार 4 मैच जीतकर उसने सुपर-8 में जगह बनाई। पाकिस्तान, अमेरिका, नीदरलैंड्स और नामीबिया को हराकर भारत अपने ग्रुप में टॉप पर रहा। इस प्रदर्शन ने फैंस का भरोसा और भी मजबूत किया है।
क्यों कहा जा रहा है ‘ग्रुप ऑफ डेथ’?
सुपर-8 के ग्रुप-1 में भारत के साथ साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज शामिल हैं। खास बात यह है कि ये चारों टीमें अपने-अपने ग्रुप में बिना हार के आगे बढ़ी हैं। जब एक ही ग्रुप में सभी मजबूत और अजेय टीमें हों, तो उसे ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहा जाता है। यही वजह है कि इस ग्रुप को टूर्नामेंट का सबसे कठिन ग्रुप माना जा रहा है।
हर मुकाबला होगा कड़ा
साउथ अफ्रीका ने अपने ग्रुप में सभी मैच जीते। वेस्टइंडीज ने भी लगातार जीत दर्ज की। जिम्बाब्वे ने तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ शानदार खेल दिखाया। ऐसे में सुपर-8 में कोई भी टीम हल्की नहीं है। हर मैच सेमीफाइनल की टिकट के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुश्किल इतिहास
टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ रिकॉर्ड चिंता बढ़ा सकता है। टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों का 4 बार सामना हुआ है, जिसमें भारत सिर्फ एक मैच जीत पाया है। तीन बार वेस्टइंडीज ने बाजी मारी है। अगर भारत को सेमीफाइनल की राह आसान करनी है, तो उसे यह रिकॉर्ड बदलना होगा।
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सुपर-8 का पूरा शेड्यूल
ग्रुप-1 में मुकाबले बेहद रोमांचक होने वाले हैं। 22 फरवरी को भारत का सामना साउथ अफ्रीका से होगा। 26 फरवरी को भारत जिम्बाब्वे से भिड़ेगा। 1 मार्च को भारत और वेस्टइंडीज आमने-सामने होंगे। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
ग्रुप-2 में भी कांटे की टक्कर
सुपर-8 के ग्रुप-2 में इंग्लैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड हैं। इन टीमों को ग्रुप स्टेज में एक-एक हार मिली थी। वहां भी मुकाबला आसान नहीं होगा। लेकिन फिलहाल सबकी नजरें ग्रुप-1 पर टिकी हैं, जहां टीम इंडिया के सामने असली चुनौती खड़ी है। अब देखना है कि भारत अपने दमदार फॉर्म को बरकरार रख पाता है या नहीं।