तमिलनाडु की राजनीति में ऐसा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से कुछ कदम दूर रह गई। दिनभर समर्थन जुटाने, गठबंधन बैठकों, डिप्टी सीएम पद की चर्चाओं और लापता विधायकों के दावों के बीच सत्ता का समीकरण लगातार बदलता रहा। देर रात तक यह तय नहीं हो सका कि आखिर मुख्यमंत्री की कुर्सी किसके हिस्से आएगी।
सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK लेकिन बहुमत से अटकी
तमिलगा वेत्री कझगम ने चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। हालांकि विजय के दो सीटों से जीतने के कारण प्रभावी संख्या 107 मानी गई। कांग्रेस, CPI और CPI(M) के समर्थन के बाद आंकड़ा 116 तक पहुंचा, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से पार्टी अभी भी पीछे रही। शुरुआती दौर में पार्टी खेमे को उम्मीद थी कि कुछ और सहयोगी दलों का साथ मिलते ही सरकार बन जाएगी।
राज्यपाल मुलाकात के बाद बढ़ा सस्पेंस
सूत्रों के अनुसार विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपे, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी बीच विजय के घर के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और संभावित शपथ ग्रहण की चर्चाएं तेज हो गईं। कुछ घंटों तक माहौल पूरी तरह जीत जैसा दिखा, लेकिन बाद में राजनीतिक समीकरण बदलने लगे।
VCK की चुप्पी बनी सबसे बड़ा फैक्टर
पूरे घटनाक्रम में VCK की भूमिका सबसे अहम मानी गई। पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने शुरुआत में समर्थन के संकेत दिए, लेकिन देर शाम तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई। बताया गया कि TVK नेताओं ने लगातार उनसे संपर्क बनाए रखा। इसी दौरान यह चर्चा भी सामने आई कि समर्थन के बदले डिप्टी मुख्यमंत्री पद की मांग रखी गई है। हालांकि इस पर सहमति नहीं बनने की खबरों ने सियासी तनाव बढ़ा दिया।
IUML के फैसले से बदला पूरा गणित
जहां शुरुआत में IUML के समर्थन की संभावना जताई जा रही थी, वहीं बाद में पार्टी ने साफ कर दिया कि वह DMK गठबंधन के साथ ही बनी रहेगी। इस बयान के बाद विजय के लिए बहुमत का रास्ता और कठिन हो गया। दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में ‘कंसेंसस CM’ को लेकर भी चर्चाएं तेज रहीं। कुछ हलकों में यह दावा किया गया कि अलग-अलग दल किसी नए फार्मूले पर विचार कर रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
रिसॉर्ट पॉलिटिक्स और फर्जी समर्थन पत्र से बढ़ा विवाद
देर शाम राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया जब कुछ विधायकों के संपर्क से बाहर होने और रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की चर्चाएं सामने आईं। AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने अपने विधायक के लापता होने का दावा किया और फर्जी समर्थन पत्र इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। जवाब में TVK ने समर्थन का वीडियो जारी किया। वहीं वाम दलों ने आरोप लगाया कि सत्ता समीकरण को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं। इन तमाम घटनाओं के बीच देर रात तक तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस बरकरार रहा।