तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने से पहले VCK ने कई अहम शर्तें रखकर समीकरणों को और जटिल कर दिया है। उपमुख्यमंत्री पद से लेकर मंत्रालयों की मांग तक, बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। अब सभी की नजरें VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन के आज होने वाले फैसले पर टिकी हैं।
TVK को समर्थन से पहले VCK की सख्त शर्तें
सूत्रों के अनुसार, विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) ने TVK को समर्थन देने से पहले सरकार में मजबूत हिस्सेदारी की मांग रखी है। पार्टी का कहना है कि केवल समर्थन देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सत्ता में वास्तविक भागीदारी भी जरूरी है। इसी कारण कई राजनीतिक शर्तें सामने आई हैं, जिन पर बातचीत जारी है।
उपमुख्यमंत्री पद और मंत्रालयों की मांग
VCK की सबसे बड़ी मांग उपमुख्यमंत्री पद को लेकर है, जिसे पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन को देने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही पार्टी अपने नवनिर्वाचित विधायकों के लिए महत्वपूर्ण कैबिनेट मंत्रालयों की भी मांग कर रही है। इन मांगों को लेकर गठबंधन की बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
आरक्षण और सामाजिक मुद्दों पर जोर
बैठक में केवल सत्ता बंटवारे की ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दलित आरक्षण, पदोन्नति में आरक्षण की गारंटी और जातीय हिंसा की जांच के लिए गठित आयोगों को जारी रखने जैसे विषयों पर VCK ने स्पष्ट रुख अपनाया है। पार्टी इन मुद्दों को समर्थन की शर्तों से जोड़ रही है।
कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा रणनीति
सरकार गठन को लेकर बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों को हैदराबाद भेज दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह कदम संभावित राजनीतिक दबाव और विधायकों के टूटने से बचाने के लिए उठाया गया है। इससे राज्य की सियासी अनिश्चितता और बढ़ गई है।
TVK की बहुमत से दूरी और राजनीतिक गणित
23 अप्रैल के विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन वह बहुमत से सिर्फ 10 सीट दूर रह गई। इसके बाद पार्टी ने कांग्रेस, CPI, CPM और VCK जैसे दलों से समर्थन की कोशिशें तेज कर दी हैं। गठबंधन की सफलता अब छोटे दलों के फैसलों पर निर्भर करती दिख रही है।
विजय की सीट और भविष्य की रणनीति पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, TVK प्रमुख विजय की विधानसभा सीट को लेकर भी चर्चा चल रही है। यदि वे तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट छोड़ते हैं तो VCK चाहती है कि वहां से थोल थिरुमावलवन चुनाव लड़ें। वहीं, संभावना जताई जा रही है कि विजय चेन्नई की पेरम्बूर सीट अपने पास रख सकते हैं, जिससे राजनीतिक रणनीति और दिलचस्प हो गई है।