Tanzid Hasan Australia Century : ऑस्ट्रेलिया की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं माना जाता। खासकर टेस्ट क्रिकेट में नई गेंद और उछाल भरी पिचों पर सलामी बल्लेबाजों की परीक्षा और कठिन हो जाती है। लेकिन बांग्लादेश के 25 वर्षीय बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने अपने पहले ही ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट में शतक लगाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उनकी इस पारी ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है।
101 रन की यादगार पारी
डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे टेस्ट मैच में तंजीद हसन तमीम ने 197 गेंदों पर 101 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। यह सिर्फ उनका दूसरा टेस्ट मैच है, लेकिन उन्होंने जिस धैर्य और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की, उसने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को काफी परेशान किया। मुश्किल परिस्थितियों में खेली गई यह पारी बांग्लादेश क्रिकेट के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बांग्लादेश के लिए बना नया इतिहास
तंजीद हसन तमीम ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में शतक लगाने वाले पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज बन गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले बांग्लादेश का कोई बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वहां तीन अंकों तक नहीं पहुंच सका था। ऐसे में तमीम का यह शतक उनके करियर के साथ-साथ बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में भी दर्ज हो गया है।
कई भारतीय दिग्गजों से आगे निकले
ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक लगाना इतना मुश्किल रहा है कि भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम भी यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सके। रोहित शर्मा ने वहां 10 टेस्ट खेले, जबकि महेंद्र सिंह धोनी ने 9 टेस्ट मैच खेले, लेकिन दोनों के नाम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक दर्ज नहीं है। इसके अलावा कपिल देव, मंसूर अली खान पटौदी, शुभमन गिल, गौतम गंभीर और शिखर धवन जैसे खिलाड़ी भी ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक नहीं लगा पाए हैं।
दुनिया के कई बड़े नाम भी सूची में शामिल
सिर्फ भारतीय क्रिकेट ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट के कई दिग्गज बल्लेबाज भी ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक बनाने से चूक गए। वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल ने टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक लगाए, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में एक भी शतक नहीं बना सके। इंग्लैंड के नासिर हुसैन, दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स, न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम और पाकिस्तान के मुदस्सर नजर जैसे बल्लेबाज भी इस सूची में शामिल हैं।
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अब आगे की चुनौती पर नजर
तंजीद हसन तमीम की यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं, बल्कि बड़े मंच पर उनकी क्षमता का मजबूत संकेत मानी जा रही है। खास बात यह भी रही कि ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी केवल 198 रन पर सिमट गई थी, जिससे उनकी शतकीय पारी का महत्व और बढ़ गया। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर होगी कि क्या तमीम आने वाले मुकाबलों में भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रख पाते हैं या नहीं।