Tata Sons AGM : टाटा समूह से जुड़ी एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। टाटा संस की वार्षिक आम बैठक यानी एजीएम कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित कर दी गई। खास बात यह है कि कंपनी के 100 साल से ज्यादा लंबे इतिहास में इस तरह एजीएम का स्थगित होना बेहद दुर्लभ है और इसे पहली ऐसी घटना बताया जा रहा है। बैठक 18 अगस्त को होनी थी, लेकिन जरूरी संख्या में सदस्यों की मौजूदगी नहीं होने के कारण इसे आगे बढ़ाना पड़ा।
कोरम पूरा क्यों नहीं हो पाया?
एजीएम के स्थगित होने के पीछे सबसे अहम वजह सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़े नियामकीय प्रतिबंध को माना जा रहा है। टाटा संस के नियमों के मुताबिक कुछ मामलों में टाटा ट्रस्ट्स की ओर से नामित प्रतिनिधि की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल सर रतन टाटा ट्रस्ट पर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की ओर से लगी पाबंदी के कारण संयुक्त प्रतिनिधि नामित करने में परेशानी सामने आई। इसी वजह से बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हो सका।
चंद्रशेखरन के फैसले से भी बढ़ी हलचल
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को लेकर भी कंपनी में बड़ा बदलाव आने वाला है। उन्होंने 12 अगस्त को बोर्ड को जानकारी दी थी कि वह फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाना चाहते। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने तत्काल पद छोड़ दिया है। वह अपने मौजूदा कार्यकाल के अंत तक पद पर बने रहेंगे। चंद्रशेखरन 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं। उनके कार्यकाल में समूह ने कई बड़े कारोबार और निवेश क्षेत्रों में विस्तार किया है। अब उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज होना स्वाभाविक है।
अगली बैठक में क्या हो सकता है?
एजीएम स्थगित होने के बाद कंपनी को नई तारीख तय करनी होगी। रिपोर्टों के मुताबिक टाटा संस का बोर्ड सितंबर के मध्य में फिर बैठक कर सकता है। इस दौरान चेयरमैन के भविष्य और उत्तराधिकारी से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
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टाटा समूह के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
टाटा संस पूरे टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है। इसलिए यहां होने वाला कोई भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव समूह की कई कंपनियों और भविष्य की रणनीति पर असर डाल सकता है। एजीएम का इस तरह स्थगित होना और साथ ही चेयरमैन पद को लेकर अनिश्चितता सामने आना टाटा समूह के लिए निश्चित तौर पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि टाटा संस की अगली एजीएम कब होगी और चंद्रशेखरन के बाद समूह की कमान किसके हाथ में जाएगी।