भोपाल। सोशल मीडिया पर रील बनाकर कमाई करने वालों को अब इनकम टैक्स का हिसाब देना होगा। आयकर विभाग ने इसके लिए नया प्रोफेशनल कोड 16021 लागू किया है, जिससे मध्य प्रदेश के करीब 300 से ज्यादा रील क्रिएटर टैक्स के दायरे में आ गए हैं। अब तक जहां केवल प्लेटफॉर्म टीडीएस काटकर पेमेंट भेजते थे, वहीं अब रील क्रिएटर्स को खुद भी ITR फाइल करना होगा। इससे उनकी आय पर सरकार सीधी नजर रखेगी।
नया प्रोफेशनल कोड लागू
आयकर विभाग ने रील्स और डिजिटल क्रिएटर्स की कमाई पर नजर रखने के लिए प्रोफेशनल कोड 16021 लागू किया है। इसके तहत ब्रांड प्रमोशन, प्रोडक्ट सेलिंग और डिजिटल कंटेंट से हुई आय को ITR-3 या ITR-4 में स्पष्ट रूप से दिखाना होगा।
कितनी आय पर कितना टैक्स
अगर किसी क्रिएटर की सालाना प्रोफेशनल इनकम 50 लाख रुपए से कम है, तो धारा 44 ADA के तहत अनुमानित 50% आय पर टैक्स लगेगा। वहीं, 50 लाख से ज्यादा इनकम होने पर पूरे खर्चों का ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। इस नियम से छोटे और बड़े सभी इन्फ्लुएंसर प्रभावित होंगे।
मध्यप्रदेश के टॉप इन्फ्लुएंसर भी रडार पर
प्रदेश में करीब 2 हजार रील क्रिएटर्स सक्रिय हैं। इनमें पायल धरे (4 मिलियन फॉलोअर्स), नमन देशमुख (3.6 मिलियन), ऋत्विक धनजानी (3 मिलियन) और बिग बॉस-19 की तान्या मित्तल (2.8 मिलियन) जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। टैक्स नियम लागू होने के बाद इनकी आय का भी पूरा ब्यौरा सरकार के पास रहेगा।
तेजी से बढ़ रहा डिजिटल इकोसिस्टम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में 2020 तक 10 लाख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थे, जबकि 2024 तक यह संख्या 40 लाख पहुंच गई। पिछले 14 साल में देशभर में 30 लाख नए क्रिएटर्स बढ़े हैं। सरकार का मानना है कि टैक्स लागू होने से इस क्षेत्र की आय को औपचारिक रूप से ट्रैक किया जा सकेगा।