नासिक के चर्चित TCS बीपीओ मामले में अब एक नया एंगल सामने आया है, जिसने पूरे विवाद को और जटिल बना दिया है। जहां एक तरफ धर्मांतरण, यौन उत्पीड़न और संगठित गतिविधियों जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी शाहरुख की पत्नी ने सामने आकर इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
आरोपों को बताया पूरी तरह गलत
शाहरुख की पत्नी ने साफ तौर पर कहा कि एफआईआर में कहीं भी धर्मांतरण या किसी रैकेट का जिक्र नहीं है। उनके मुताबिक, मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने इसे “फेक नैरेटिव” बताते हुए कहा कि असल में यह सिर्फ आपसी बातचीत और मजाक तक सीमित था, जिसे अब गलत दिशा दी जा रही है।
पहनावे पर टिप्पणी को बताया ‘कॉम्प्लीमेंट’
महिला कर्मचारियों के पहनावे पर टिप्पणी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट माहौल में इस तरह की बातें अक्सर सराहना के रूप में होती हैं। इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार, इसे उत्पीड़न का रूप देना पूरी तरह अनुचित है।
रिसॉर्ट और रिश्तों के आरोपों पर सफाई
रिसॉर्ट ले जाने और अन्य निजी आरोपों को भी उन्होंने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि जिन लड़कियों के नाम सामने आए हैं, उन्हें उन्होंने कभी देखा तक नहीं। साथ ही, एक अन्य आरोपी और महिला कर्मचारी के बीच लंबे समय से रिश्ते की बात भी सामने रखी, जिसे वे निजी मामला बता रही हैं।
गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
शाहरुख की गिरफ्तारी को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। उनके अनुसार, पुलिस बिना किसी पूर्व नोटिस के सिविल ड्रेस में आई और बयान के नाम पर उन्हें साथ ले गई, बाद में गिरफ्तारी की जानकारी मिली। उन्होंने इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
जांच, सबूत और चुप्पी पर सवाल
उन्होंने यह भी कहा कि अगर इतने गंभीर आरोप थे, तो पहले शिकायत क्यों नहीं हुई। उनके मुताबिक, शाहरुख का रिकॉर्ड साफ रहा है और उन्हें हाल ही में प्रमोशन भी मिला था। उन्होंने कहा कि इतने सालों तक कोई शिकायत न होना कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पुलिस की SIT जांच जारी है और सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।