जब एक इंसान ने अपने दिल की बात मंच पर बोली, तो बदले में उसे मौत मिली. इंद्रकुमार तिवारी की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि समय कभी-कभी खतरनाक रूप भी लेकर कर आता है. जहाँ आपकी नासमझी और संवेदनशीलता को अपराधी लालच बनाकर आपको फंसाने की कोशिश कर देते हैं. जबलपुर के इंद्र कुमार तिवारी, जोकि एक शिक्षक थे, उन्होंने कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य की एक कथा के दौरान विवाह संबंधी परेशानी और अपने 18 एकड़ जमीन के बारे में खुलकर बात की. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वायरल वीडियो में उन्होंने बताया कि वो अकेले हैं और विवाह न होने की वजह से उनकी ज़मीन का भविष्य अधर में है.
कैसे लिखी गई हत्या की पटकथा
वायरल वीडियो ने उत्तर प्रदेश के कुछ अपराधियों को प्रेरित किया. एक महिला, आरोपी साहिबा बानो ने अपने आप को “खुशी तिवारी” बता कर इंद्र कुमार तिवारी को विवाह का झांसा दिया. एडवांस के लिए इंद्र ने लगभग ₹1.5 लाख की राशि जमा की. इसमें ज़ेवर भी शामिल थे, जो उन्होंने जमीन को गिरवी रख तैयार करवाए. आरोपियों ने तिवारी को गोरखपुर में बुलाया. वहां एक नकली शादी हुई. जिसका प्रमाण हलफनामा और वीडियोग्राफी में मौजूद है.
उसी रात तिवारी को खाने में नींद की गोली मिला कर दे दी गई. उसके बाद उन्हें कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र में जंगलों में ले जाकर चाकू मारकर हत्या कर दी गई और ज़ेवर और नकदी लूट लिए गए.
अब तक तीन आरोपी हुए गिरफ्तार
कुशीनगर पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों — साहिबा बानो, कौशल गोण्ड और ड्राइवर समसुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है. उनका कहना है कि यह साजिश इंद्र की संपत्ति हथिया लेने और मोटी रकम के लालच में रची गई थी. इसके लिए उन लोगों ने फर्जी हलफनामा तैयार करवाना, पहचान बदलना और नींद की गोलियां खिला कर वारदात को अंजाम देने की बात कबूली.
अनिरुद्धाचार्य की कथा से आए थे चर्चा में इंद्र कुमार
अंतरराष्ट्रीय चर्चित कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की कथा के मंच से निकला सवाल—“मेरी शादी कब होगी?”—इंद्रकुमार तिवारी की हत्या की दुखद कहानी में शुरूआती मोड़ साबित हुआ. जबलपुर के एक गांव के शिक्षक इंद्र कुमार तिवारी ने मई में अनिरुद्धाचार्य की कथा में शामिल होकर मंच पर अपनी शादी न होने की पीड़ा साझा की, जिसमें उन्होंने अपनी 18 एकड़ जमीन का जिक्र भी किया था. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे कथित अपराधी समूहों ने तिवारी की स्थिति को भाँप लिया और इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला.