उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी कस्बे में स्थित एमजीएम इंटर कॉलेज के एक शिक्षक की कविता इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. इस कविता के बोल हैं – "तुम कांवड़ लेने मत जाना… ज्ञान का दीप जलाना." स्कूल में बच्चों को सुनाई गई इस कविता का वीडियो इंटरनेट पर आते ही विवाद खड़ा हो गया है. किसी ने इसे शिक्षक की निजी राय कहा, तो कुछ लोगों ने इसे धर्म विरोधी करार दिया है.
क्या है मामला?
वायरल वीडियो में शिक्षक रजनीश गंगवार स्कूल के बच्चों को कविता सुना रहे हैं. कविता में वो बच्चों को पढ़ाई की ओर प्रेरित कर रहे हैं और यह कह रहे हैं कि “कांवड़ मत ले जाना, ज्ञान का दीप जलाना.” इस बात पर कुछ लोगों का कहना है कि शिक्षक को बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना चाहिए, लेकिन इस तरह के शब्दों से ऐसा लगता है कि वो कांवड़ यात्रा या धार्मिक भावनाओं का विरोध कर रहे हैं. कुछ ने यह भी कहा कि धार्मिक आस्था के इतने बड़े आयोजन के समय इस तरह की कविता सुनाना गलत है, क्योंकि इससे बच्चों के मन में धर्म को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है.
विरोध करने वालों ने क्या कहा?
लोगों ने कहा कि कविता में कांवड़ न ले जाने की बात कहकर शिक्षक ने धार्मिक परंपरा का विरोध किया है. उत्तर प्रदेश सरकार खुद कांवड़ यात्रा को बढ़ावा दे रही है, ऐसे में एक शिक्षक को ऐसा कहने का कोई अधिकार नहीं है. इससे बच्चों के मन में अपने धर्म को लेकर नकारात्मक सोच पैदा हो सकती है.
समर्थन करने वालों की दलील
जहां कुछ लोग कविता का विरोध कर रहे हां तो कुछ लोग शिक्षक के पक्ष में भी दिखाई दिए. शिक्षक का समर्थन करने वाले लोगों ने कहा कि कविता का मकसद किसी धर्म को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि बच्चों को शिक्षा की अहमियत समझाना है. शिक्षक ने केवल यह कहा है कि बच्चे पढ़ाई को प्राथमिकता दें, ना कि धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर अपना फोकस भटकाएं. यह शिक्षक की व्यक्तिगत सोच हो सकती है, जिसे धर्म से जोड़कर विवाद खड़ा करना जरूरी नहीं है.
प्रशासन तक पहुंचा मामला
अब यह विवाद प्रशासन तक भी पहुंच गया है. कुछ लोग शिक्षक पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह अनावश्यक विवाद है और कविता का मकसद केवल बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना था.
बहरहाल शिक्षक की कविता ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस को जन्म दे दिया है. अब सवाल यह है कि क्या वाकई शिक्षक ने कुछ गलत कहा या फिर बात को जरूरत से ज्यादा बढ़ा दिया गया? इस पूरे मामले में अब सबकी नजर प्रशासन पर है कि क्या कोई कार्रवाई होती है या यह मामला शांत हो जाएगा.