Teachers Day 2026 PM Modi ----शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस खास कार्यक्रम में पीएम मोदी ने शिक्षकों के साथ शिक्षा, बच्चों के स्क्रीन टाइम, खेल और रचनात्मक गतिविधियों जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने एक शिक्षिका से अपनी पब्लिक स्पीकिंग बेहतर करने के लिए सुझाव भी मांगा। बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया।
पीएम मोदी ने शिक्षिका से मांगा वक्ता बनने का मंत्र
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित एक शिक्षिका से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को बेहतर बनाने के तरीके पूछे। उन्होंने कहा कि अगर वे उनके यहां विद्यार्थी होते और एक कुशल वक्ता बनना चाहते, तो उन्हें क्या करना चाहिए। इस पर शिक्षिका ने जवाब दिया कि सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है। उनके मुताबिक आत्मविश्वास लगातार अभ्यास से आता है। शिक्षिका ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का व्यक्तित्व देखकर वह खुद भी थोड़ी घबरा गई थीं।
काशी के अनुभव का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने काशी से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि काशी के सांसद के तौर पर उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं सामने आकर जांच कराने के लिए तैयार हो रही हैं, जो पहले की स्थिति से अलग है। पीएम मोदी ने एक ही दिन में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग किए जाने के अनुभव का भी जिक्र किया और इसे एक उपलब्धि बताया।
बच्चों के स्क्रीन टाइम पर पीएम की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बनता जा रहा है। उनके मुताबिक बच्चों को इस आदत से बाहर निकालने में खेल अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल से उनका मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान में खेले जाने वाले वास्तविक खेलों से है। पीएम ने कहा कि बच्चों को खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में ज्यादा से ज्यादा शामिल करने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत है।
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बच्चों की जिंदगी में उतरना होगा'
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा को केवल किताबों और सिलेबस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। शिक्षकों को बच्चों की जिंदगी और उनकी रुचियों को समझते हुए उनके साथ जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के भीतर मौजूद रचनात्मकता और उनका बचपन बनाए रखना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पीएम मोदी के मुताबिक शिक्षक की बड़ी जिम्मेदारी है कि बच्चों के अंदर का बचपन खत्म न हो और वे पढ़ाई के साथ जीवन के दूसरे अनुभवों से भी सीखते रहें।
शिक्षकों से सुझाव भी मांगे
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों के अनुभव और सुझाव भी सुने। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के साथ हुई इस बातचीत में शिक्षा व्यवस्था के साथ बच्चों के व्यवहार, तकनीक के इस्तेमाल और रचनात्मक विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। शिक्षक दिवस के मौके पर हुई यह बातचीत शिक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं और शिक्षकों की भूमिका पर केंद्रित रही।