टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया की शुरुआत वैसी नहीं रही, जैसी उम्मीद की जा रही थी। USA के खिलाफ पहले ही मैच में भारतीय बल्लेबाजी पावरप्ले में बुरी तरह लड़खड़ा गई। आखिरी ओवर में तीन विकेट गिरने से हालात और खराब हो गए। पावरप्ले खत्म होते-होते भारत के चार टॉप बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और स्कोर बोर्ड पर 50 रन भी पूरे नहीं हुए थे। छह ओवर के बाद भारत का स्कोर 4 विकेट पर सिर्फ 46 रन था, जिसने फैंस की चिंता बढ़ा दी।
मिडिल ऑर्डर भी नहीं दे पाया सहारा
पावरप्ले के बाद कुछ देर के लिए लगा कि सूर्यकुमार यादव और रिंकू सिंह मिलकर पारी को संभाल लेंगे। लेकिन यह जोड़ी भी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। रिंकू सिंह 14 गेंदों में सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए। उनके बाद आए हार्दिक पंड्या भी दबाव में दिखे और बिना खास योगदान के लौट गए। देखते ही देखते भारत का छठा विकेट 77 रन पर गिर गया। यह पहला मौका था जब किसी एसोसिएट टीम के खिलाफ भारत ने टी20 इंटरनेशनल में इतने कम स्कोर पर छह विकेट गंवाए।
टॉप ऑर्डर पूरी तरह फेल
इस मैच में भारत के टॉप छह बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा रन तिलक वर्मा ने बनाए, जो 25 रन थे। ईशान किशन ने 20 रन बनाए, हालांकि उन्हें 10 रन पर जीवनदान मिला था, लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा सके। अभिषेक शर्मा और शिवम दुबे का खाता भी नहीं खुला और दोनों गोल्डन डक हो गए। लगातार गिरते विकेटों ने टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
टी20 वर्ल्ड कप में तीसरी बार ऐसा संकट
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह तीसरी बार हुआ है जब भारत ने पावरप्ले में ही चार विकेट गंवाए। इससे पहले 2010 और 2016 के टूर्नामेंट में भी ऐसा हुआ था और दोनों बार भारत को हार का सामना करना पड़ा था। फर्क सिर्फ इतना था कि तब टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी, जबकि इस बार USA के खिलाफ भारत पहले बल्लेबाजी कर रहा था।
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पारी
एक छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव डटे रहे। उन्होंने हालात को समझते हुए पहले पारी को संभाला और फिर आक्रामक बल्लेबाजी की। सूर्यकुमार ने 37 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और शानदार शॉट्स लगाए। उन्होंने 49 गेंदों पर 84 रन बनाए, जिसमें 14 चौके-छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी ने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया और डगआउट में बैठे खिलाड़ियों और फैंस को राहत दी।
161 रन तक पहुंची टीम इंडिया
सूर्यकुमार यादव की शानदार पारी की बदौलत टीम इंडिया किसी तरह संभली और 9 विकेट के नुकसान पर 161 रन बनाने में सफल रही। इस तरह USA को जीत के लिए 162 रनों का लक्ष्य मिला। मैच की शुरुआत में जो भारतीय टीम पूरी तरह बिखरी हुई नजर आ रही थी, वह कप्तान की जुझारू पारी के दम पर मुकाबले में बनी रही। अब देखना होगा कि गेंदबाज इस स्कोर का कितना बेहतर बचाव कर पाते हैं।