इंग्लैंड दौरे पर भारतीय खिलाड़ियों की लगातार चोटों के बाद टीम इंडिया की फिटनेस व्यवस्था चर्चा में है। वनडे कप्तान शुभमन गिल भी चोटों की समस्या पर चिंता जता चुके हैं। इसी बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खिलाड़ियों की फिटनेस और चयन प्रक्रिया को लेकर कुछ सवाल खड़े हुए हैं।
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट हुए बिना ही मैदान पर उतरने की अनुमति दी गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और टीम मैनेजमेंट के बीच समन्वय की कमी रही। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हर्षित राणा को लेकर क्या कहा गया?
रिपोर्ट के अनुसार, हर्षित राणा को घुटने की चोट से पूरी तरह उबरने से पहले खेलने की मंजूरी दी गई। दावा किया गया है कि उन्होंने चोट से पहले वाला फिटनेस स्तर हासिल नहीं किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि टीम मैनेजमेंट के दबाव में उन्हें खेलने की अनुमति दी गई। इस दावे पर BCCI की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
वॉशिंगटन सुंदर पर भी दावा
रिपोर्ट में वॉशिंगटन सुंदर को लेकर भी दावा किया गया है कि उन्हें T20 World Cup टीम में शामिल किए जाने के बाद मैच खेलने लायक फिट होने में करीब 10 दिन लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, टूर्नामेंट के दौरान ही उनकी फिटनेस पर तेजी से काम किया गया। इस संबंध में भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि नितिन पटेल के जाने के बाद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मेडिकल स्टाफ के प्रमुख की नियुक्ति नहीं हुई, जिससे फिटनेस प्रबंधन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इस दावे पर भी BCCI ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
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आधिकारिक जवाब का इंतजार
फिलहाल ये सभी बातें मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से सामने आई हैं। BCCI या टीम मैनेजमेंट ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। ऐसे में आगे आने वाले आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण पर सभी की नजर रहेगी।