टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और अमेरिका का मुकाबला कागज पर आसान माना जा रहा था, लेकिन मैदान पर कहानी बिल्कुल अलग निकली। टॉस हारने के बाद जैसे ही टीम इंडिया बल्लेबाजी करने उतरी, वैसे ही मुश्किलें खड़ी हो गईं। पावरप्ले के अंदर चार विकेट गिर चुके थे। ओपनिंग से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं पाया। जब छठा विकेट 77 रन पर गिरा, तो स्टेडियम में बैठे फैंस को डर लगने लगा कि कहीं पहला मैच हाथ से न निकल जाए।
कप्तान ने संभाली डूबती पारी
इन हालात में कप्तान सूर्यकुमार यादव क्रीज पर डटे हुए थे। उन्होंने वही किया, जो एक जिम्मेदार कप्तान से उम्मीद होती है। पहले हालात को समझा, गेंदबाजों को पढ़ा और फिर धीरे-धीरे रन बटोरने लगे। शुरुआती ओवर उन्होंने विकेट बचाने में लगाए, लेकिन जैसे ही मौका मिला, उन्होंने अपना असली अंदाज दिखाया। चौके-छक्के लगने लगे और रन गति बढ़ने लगी।
सूर्या की पारी बनी मैच की जान
सूर्यकुमार यादव ने सिर्फ 37 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर दिया। इसके बाद अमेरिकी गेंदबाजों पर दबाव साफ नजर आने लगा। बाकी बल्लेबाज भले ज्यादा योगदान न दे पाए, लेकिन सूर्या ने अकेले मोर्चा संभाले रखा। उन्होंने 49 गेंदों पर 84 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी बदौलत टीम इंडिया 20 ओवर में 161 रन तक पहुंच सकी, जो एक समय नामुमकिन लग रहा था।
गेंदबाजी में मियां भाई की धमाकेदार वापसी
लक्ष्य का बचाव करने उतरी टीम इंडिया को शुरुआत में ही मियां भाई मोहम्मद सिराज से उम्मीद थी। लंबे समय बाद वापसी कर रहे सिराज को शुरुआत में एक छक्का पड़ा, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। अगले ही ओवरों में उन्होंने अमेरिका के अहम बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। दो बड़े विकेट गिरते ही मैच का रुख भारत की तरफ झुकने लगा।
ईशान किशन की फुर्ती बनी टर्निंग प्वाइंट
अमेरिका की पारी में एक वक्त लगने लगा था कि मुकाबला फंस सकता है, लेकिन तभी ईशान किशन की विकेटकीपिंग ने खेल पलट दिया। उन्होंने मिलिंद कुमार को शानदार स्टंपिंग कर पवेलियन भेजा। यह विकेट अमेरिका के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। इसके बाद अमेरिकी बल्लेबाजी बिखर गई और रन बनाना मुश्किल हो गया।
जीत के साथ दिया बड़ा संदेश
आखिरकार अमेरिका की टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और भारत ने यह मुकाबला 30 रन से अपने नाम कर लिया। सूर्या की कप्तानी पारी और मियां भाई की आक्रामक गेंदबाजी ने साफ कर दिया कि टीम इंडिया वर्ल्ड कप में सिर्फ खेलने नहीं, बल्कि दबदबे के साथ जीतने उतरी है। वानखेड़े से शुरू हुई यह कहानी अब पूरे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई है।