बिहार चुनाव पहले ही खौल रहा था, लेकिन पटना एयरपोर्ट पर लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी भाजपा नेता रवि किशन की मुलाकात ने राजनीति में ऐसा धमाका किया कि चर्चा पूरे राज्य में फैल गई. दोनों के माथे पर त्रिपुंड, चेहरे पर मुस्कान और साथ-साथ चलने का दृश्य जैसे किसी बड़े सियासी गठबंधन की नई कहानी शुरू हो रही हो. सवाल उठा क्या तेज प्रताप को BJP की तरफ से ऑफर दिया गया है? क्या चुनाव से पहले ही नए खेला की पटकथा लिखी जा चुकी है? राजनैतिक गलियारों में ये मुलाकात अब संयोग नहीं, बल्कि संकेत मानी जा रही है.
योगी के ‘खास’ का बयान बना भूचाल
जब मीडिया ने रवि किशन से पूछा कि इस मुलाकात का मतलब क्या है, तो उनका जवाब पूरे बिहार में हलचल मचा गया कुछ भी हो सकता है. राजनीति में ये चार शब्द विस्फोट से कम नहीं. रवि किशन ने आगे कहा मोदी जी के दरवाज़े भोलेनाथ के सभी भक्तों के लिए खुले हैं. ये बयान सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि संकेत था कि BJP तेज प्रताप के लिए रास्ता तैयार कर रही है. योगी के बेहद भरोसेमंद नेताओं में शामिल रवि किशन की जुबान से निकली यह लाइन BJP के इरादों की बड़ी झलक बनकर उभरी है. इससे ये भी साफ हो गया कि BJP बिहार में नए चेहरे और नई चाल चलने को तैयार है.
तेज प्रताप का जवाब बढ़ा गया तापमान
तेज प्रताप यादव से जब पूछा गया कि क्या BJP ने उन्हें ऑफर दिया है, तो उनका जवाब बेहद राजनीतिक था मैं उसी के साथ रहूंगा जो बेरोजगारी दूर करेगा. ये लाइन RJD में बेचैनी बढ़ाने के लिए काफी थी. बिहार में रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है, और तेज प्रताप की यह बात साफ संकेत देती है कि वह राजनीतिक विकल्प खुले रखे हुए हैं. जानकारों का कहना है तेज प्रताप के ऐसे बयानों से तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ सकती है. RJD के भीतर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं चुनाव बाद तेज प्रताप गठबंधन न बदल दें और भाजपा उनकी छवि को एक नए मोहरे की तरह इस्तेमाल न करे.
क्या BJP बना रही है नया प्लान?
पिछले दिनों BJP नेताओं ने तेज प्रताप की सीधी बात, साफ दिल और भोलेनाथ भक्ति की खुलकर तारीफ की है. BJP की रणनीति साफ है बिहार में ऐसे चेहरों को साथ लाना जिनकी जनता में भावनात्मक पकड़ मजबूत हो. तेज प्रताप का धार्मिक झुकाव, अलग अंदाज और मास अपील उन्हें BJP के लिए मजबूत विकल्प बनाते हैं. इसी वजह से पटना एयरपोर्ट की मुलाकात को राजनीतिक प्रयोग माना जा रहा है.