भारत की रक्षा ताकत आज एक नया अध्याय लिखने जा रही है। महाराष्ट्र के नासिक में स्वदेशी तेजस एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमान पहली बार उड़ान भरेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस ऐतिहासिक मौके पर मौजूद रहेंगे। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित यह विमान भारतीय वायुसेना के लिए गेम चेंजर साबित होगा। वायुसेना को कुल 97 तेजस एमके-1ए विमान मिलने वाले हैं, जो अब पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में तैनात किए जाएंगे।
भारत के स्वदेशी गर्व ‘तेजस’ की पहली उड़ान
तेजस एलसीए मार्क-1ए भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक का शानदार उदाहरण है। आज नासिक में इसका ट्रायल फ्लाइट होगा, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देखेंगे। एचएएल के मुताबिक, इस अत्याधुनिक जेट के सभी परीक्षण सफल रहे हैं। यह विमान मिग-21 की जगह लेगा, जिन्हें हाल ही में भारतीय वायुसेना ने सेवानिवृत्त किया है।
पाकिस्तान बॉर्डर के पास होगी तैनाती
भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद तेजस एमके-1ए को बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात किया जा सकता है। यह आधुनिक एवियोनिक्स, अपग्रेडेड रडार सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर तकनीक से लैस होगा। इसकी अधिकतम रफ्तार 2200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा है और यह ब्रह्मोस जैसे अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित रहेगा।
62 हजार करोड़ की मेगा डील से बनेगा नया इतिहास
भारत सरकार ने 62,370 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस एमके-1ए विमानों की आपूर्ति के लिए एचएएल के साथ अनुबंध किया है। इनमें 68 सिंगल-सीटर और 29 ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान शामिल हैं। तेजस में 65% से ज्यादा पुर्जे पूरी तरह स्वदेशी हैं। यह अनुबंध भारत को ‘मेक इन इंडिया’ मिशन में नई उड़ान देगा।
भारत की रफ्तार और स्वदेशी सामर्थ्य का संगम
तेजस मार्क-1ए के इंजन अमेरिका की जीई कंपनी से मिल रहे हैं। इस साल एचएएल को 12 जीई-404 जेट इंजन मिलने की उम्मीद है। यह फाइटर जेट न सिर्फ दुश्मनों के लिए चुनौती बनेगा, बल्कि भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा।